देवरिया। सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक और री टेस्ट के मामले पर अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 3 न्यायाधीशों की खंडपीठ ने पूरे मामले की विस्तार से सुनवाई की। नीट की सुनवाई कर रही खंडपीठ में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल थे।


नीट यूजी री टेस्ट आखिरी विकल्प रखा जाएगा: CJI
मामले में चीफ जस्टिस ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं के सभी वकीलों से कहा है कि वह 10 जुलाई तक अपनी दलीलें पेश करें। सीजेआई ने कहा कि अपनी याचिकाओं में स्पष्ट करें कि नीट यूजी परीक्षा दोबारा क्यों होनी चाहिए। यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी वकील की दलील 10 पन्नों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी री टेस्ट को सबसे आखिरी विकल्प के तौर पर रखने के लिए कहा है।


सीजेआई ने एनटीए से भी मांगे जवाब
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि- “नीट यूजी पेपर दोबारा होगा या नहीं, इसके लिए यह देखा होगा कि क्या लीक सिस्टमैटिक तरीके से हुआ है। क्या लीक से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है या फिर फ्रॉड का फायदा उठाने वालों को अलग किया जा सकता है? अगर परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है तो दोबारा से परीक्षा जरूरी है। लेकिन अगर फायदा उठाने वाले छात्रों की पहचान हो जाए तो दोबारा परीक्षा की जरूरत नहीं होगी। सीजेआई ने कहा कि अगर पेपर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से लीक हुई है तो यह जंगल में आग की तरह है।”

साइबर फॉरेंसिक विभाग की मदद ली जा सकती है: CJI

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से भी सवाल किए। एनटीए को कोर्ट के सामने कुछ सवालों के जवाब पेश करने होंगे जो इस प्रकार हैं।
1. नीट यूजी प्रश्न पत्र कब लीक हुए
2. नीट यूजी प्रश्न पत्र कैसे लीक हुए
3. नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा के बीच कितना समय था। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान इस बात को रखा गया है कि सीबीआई सभी एफआईआर को केंद्र में रखते हुए एक स्टेटस रिपोर्ट फाइल करे। सीजेआई ने सलाह दी है कि जरूरत पड़ने पर साइबर फोरेंसिंक विभाग की मदद भी ली जा सकती है।

नीट परीक्षा में रेड फ्लैग को पहचानना जरूरी: CJI

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि नीट यूजी परीक्षा में रेड फ्लैग को पहचानना जरूरी है। उसी के आधार पर फैसला लिया जा सकेगा। इस साल नीट यूजी परीक्षा में 67 स्टूडेंट्स ने टॉप किया था। इनमें से सभी फ्रॉड नहीं होंगे। हो सकता है कि कुछ एक्सट्रा ऑर्डिनरिली स्मार्ट हों। लेकिन हमें इस बात पर गौर करना होगा कि अचानक से नीट यूजी टॉपर्स की संख्या में इतना इजाफा कैसे हो गया। परीक्षार्थियों ने नीट यूजी परीक्षा केंद्र क्यों और कैसे बदला। क्या किसी स्टूडेंट ने किसी एक विषय में बहुत ज्यादा मार्क्स स्कोर किए हैं?

सीजेआई ने किए ये सवाल

1. पेपर किसकी कस्टडी में रखे गए थे?
2. NTA ने पेपर शहरों के बैंकों को कब भेजे?
3. प्रिंटिंग प्रेस कौन सी है और ट्रांसपोर्टेशन के क्या इंतजाम थे?
4. CJI ने कहा कि 720 अंक जिन 67 छात्रों को मिले हैं, उनमें से कितने छात्रों को ग्रेस मार्क मिले।
5. CJI ने कहा कि 720 अंक जिन छात्रों को मिले हैं, उनमें से कोई रेड फ्लैग तो नहीं? अगर ऐसा हो तो क्या इसकी जांच हो सकती है?