देवरिया। सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले में नया मोड़ आ गया है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप तय हो गए हैं। आपको बता दें बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। ऐसे में कोर्ट ने अपने फैसले में यौन उत्पीड़न मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया।
दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर तय होंगे आरोप
महिला पहलवानों के आरोप के बाद दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह पर लगे आरोपों की जांच की थी। जिसके बाद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल की गई थी। 26 अप्रैल को कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 7 मई को आरोप तय करने को लेकर फैसला सुनाया जाना था लेकिन अंतिम संपादन बाकी रहने के कारण फैसला तब नहीं सुनाया जा सका था। आखिर में 10 मई को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और आरोप तय करने के आदेश दिए।
फैसले में कोर्ट ने क्या कहा
एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने अपने फैसले में कहा कि- “कोर्ट को बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत और रिकॉर्ड मिला है। ऐसे में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354, 354 ए के तहत कोर्ट उन पर आरोप सिद्ध करती है। इस कोर्ट को बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री भी मिली है। बृज भूषण सिंह को आईपीसी की धारा 506 भाग 1 के तहत अपराध के लिए पीड़ित संख्या एक और पांच ने जो लगाए हैं वह तय होता है।” इस मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी।
कोर्ट ने खारिज कर दी थी बृजभूषण सिंह की याचिका
पहले नंबर की पीड़ित के द्वारा विनोद तोमर पर लगाए गए आरोपों के आधार पर भी सुनवाई हुई। धारा 506 भाग 1 के तहत विनोद तोमरप पर आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि शेष अपराधों के लिए उसे बरी कर दिया गया है। बृजभूषण सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर भी 26 अप्रैल को राऊज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दर्ज की थी। बृजभूषण सिंह ने अपनी अर्जी में दलील दी थी कि उनके ऊपर लगे आरोप 7 सितंबर के हैं और उस दिन वो दिल्ली में थे ही नहीं। दलील देते हुए उन्होंने नए सिरे से जांच की मांग की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद बृजभूषण सिंह की अर्जी को खारिज कर दिया था।