देवरिया।इसरो के मिशन चंद्रयान-3 पर पूरे देश और दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे लैंडिंग का समय पास आ रहा है, इसरो के वैज्ञानिकों के साथ-साथ पूरे देश के दिल की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। मिशन को सफल बनाने के लिए इसरो वैज्ञानिक दिन और रात लगे हुए हैं। चंद्रयान-3 के कंट्रोल से जुड़ी सभी जानकारी पल-पल अपडेट हो रही है, हर पल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए कैल्कुलेशन को चेक किया जा रहा है। इसरो से मिली जानकारी के अनुसार चंद्रयान-3 बुधवार को चांद पर लैंडिंग करेगा। इस सफलता के लिए पूरा देश प्रार्थना कर रहा है।
ट्वीट के माध्यम से इसरो देश को भी कर रहा अपडेट
मिशन की शुरुआत से ही इसरो ने ट्वीट के माध्यम से आम लोगों तक पल-पल की जानकारी पहुंचाई है। मंगलवार को भी इसरो ने चंद्रयान-3 से जुड़ा अपडेट देते हुए ट्वीट किया- “चंद्रयान-3 समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। प्रणालियों की नियमित जांच हो रही है, सुचारू संचालन जारी है।‘मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स’ में ऊर्जा और उत्साह का माहौल है।”इसरो ने पहले ही जानकारी दे दी है कि लैंडिंग का सीधा प्रसारण बुधवार को शाम 5.20 को शुरू होगा।
23 को नहीं तो 27 को लैंड करेगा चंद्रयान
इसरो की तरफ से चंद्रयान को 23 अगस्त को चांद पर उतारने की तैयारी है। इसके लिए पहले से लैंडिंग के लिए सही जगह और सही परिस्थियों का अच्छी तरह से निरीक्षण किया जाएगा। लैंडिंग के 2 घंटे पहले लैंड कराने का आखिरी फैसला लिया जाएगा। वैज्ञानिकों ने सुरक्षित लैंडिंग को सफल बनाने के लिए हर तरह से तैयारी की है। पहले लैंडिंग के लिए निर्धारित किए गए क्षेत्र को अब बढ़ाया गया है। 10 वर्ग किलोमीटर की जगह को तैयार कर लिया गया है। एक जगह लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगने पर दूसरी जगह का विकल्प भी रेडी रखा गया है। फिर भी अगर 23 अगस्त की शाम चंद्रयान लैंड नहीं हो पाया तो 27 अगस्त के दिन लैंडिंग कराई जाएगी।
लैंडर लगातार भेज रहा है चांद की तस्वीरें
चंद्रयान-3 का लैंडर लगातार चांद से तस्वीरें भेज रहा है। ताजा तस्वीरें चांद की सतह से 70 किलोमीटर ऊपर से ली गई थी। यह तस्वीरें लैंडर पर लगे लैंडिंग पोजिशन डिटेक्शन कैमरे से ली गई हैं। इसरो ने सोमवार को भी विक्रम लैंडर की ताजा तस्वीरें साझा की थी।
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर संपर्क कर चुका है लैंडर
चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा है और इतिहास रचने को तैयार है। इसरो की दी गई जानकारी के हिसाब से लैंडर बुधवार 23 अगस्त को शाम करीब 6 बजे चांद की सतह पर उतरेगा। चांद की तरफ बढ़ रहे चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल का चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से संपर्क हो गया है। सोमवार को इसरो ने इसकी जानकारी देते हुए ट्विट कर लिखा- “स्वागत है दोस्त। चंद्रय़ान -2 ऑर्बिटर ने औपचारिक रूप से चंद्रय़ान-3 के लैंडर मॉड्यूल का स्वागत किया। दोनों के बीच दोतरफा संवाद स्थापित हो गया है। अब लैंडर मॉड्यूल से संपर्क में रहने के ज्यादा रास्ते हैं।
चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर कर रहा मदद
2019 में भारत का चंद्रयान-2 का लैंडर चांद पर लैंडिंग करते वक्त क्रैश हो गया था। तब से चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा का चक्कर काट रहा है। अब चंद्रयान-3 की लैंडिंग में सहायता कर रहा है। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर, लैंडर मॉड्यूल के साथ कम्युनिकेशन कर रहा है। उसने पहले ही चंद्रयान-3 के सुरक्षित लैंडिंग के लिए सही जगह पहचान करने में मदद की है।
रूस का मून मिशन हुआ फेल
रूस का मून मिशन जो कि 21 अगस्त को चांद की सतह पर लैंड होने वाला था फेल हो गया है। रोस्कोस्मोस के अनुसार लूना-25 स्टेशन चंद्रमा से टकरा गया, जिसकी वजह से मिशन फेल हो गया। रूस ने 45 साल बाद11 अगस्त को लूना-25 को लॉन्च किया था। रूस के लूना-25 अंतरिक्ष यान के चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले लैंडर पर लगे कैमरे ने पहले ही स्पेस से धरती से चांद की दूर की तस्वीरें ले ली थी।