देवरिया। नवरात्र शुरू हो गए हैं। हिंदू वर्ष के अनुसार साल में चार नवरात्र पड़ते हैं, जिनमें से शारदीय और चैत्र नवरात्र दोनों का बहुत महत्व होता है। शारदीय नवरात्र में 9 दिन देवी की पूजा के बाद दसवें दिन विजयादशमी मनाई जाती है। वहीं चैत्र नवरात्र की प्रथमा तिथी के साथ ही हिंदू नववर्ष भी शुरू हो जाता है। नौवें दिन प्रभु श्री राम का जन्मदिवस यानी राम नवमी मनाई जाती है। इस तरह से हिंदू धर्म में इन 9 दिनों को अपने आप में शुभ मुहुर्त माना जाता है। इन दिनों किसी भी नए काम की शुरुआत या नए सामान की खरीदी करना अच्छा माना जाता है।
इस बार क्या है माता की सवारी
सभी को पता है माता रानी की सवारी शेर होती है। लेकिन कहा जाता है जब माता धरती पर आती हैं तो वो शेर पर सवार होकर नहीं आती बल्कि हर नवरात्र में उनकी सवारी अलग-अलग होती है। सवारी के आधार पर ही उस नवरात्र के प्रभाव का भी आंकलन ज्योतिष में किया जाता है। इस बार चैत्र नवरात्र में माता रानी घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं। हालांकि घोड़े को युद्ध का प्रतीक माना जाता है इसलिए घोड़े की सवारी का अर्थ समाजिक अस्थिरता या किसी बड़ी दुर्घटना की ओर इशारा करती है। हालांकि माता की विदाई के वक्त सवारी हाथी होगा जो कि शुभ संकेत देता है। इस तरह से इस बार के नवरात्र का मिला-जुला असर रहेगा।
पूरे 9 दिन की होगा नवरात्र
चैत्र नवरात्र पूरे 9 दिन का होगा यानी कोई भी 2 तिथि एक दिन नहीं पड़ रही है। 9 अप्रैल से इस प्रकार रहेगी नव दिनों की तिथि और उसके अनुसार पूजे जाने वाला माताओं का रूप-
प्रतिपदा या प्रथमा तिथि, मां शैलपुत्री- 9 अप्रैल
द्वितीया तिथि, मां ब्रह्मचारिणी- 10 अप्रैल
तृतीया तिथि, मां चंद्रघंटा- 11 अप्रैल
चतुर्थी तिथी, कूष्मांडा- 12 अप्रैल
पंचमी तिथि, स्कंदमाता -13 अप्रैल
षष्ठी तिथि, कात्यायनी- 14 अप्रैल
सप्तमी तिथि, कालरात्री- 15 अप्रैल
अष्टमी तिथि, महागौरी – 16 अप्रैल
नवमी तिथि, सिद्धिदात्री- 17 अप्रैल
विक्रम संवत 2081 का करेंगे स्वागत
नवरात्र के साथ ही हम 9 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथिमें हिंदू नव वर्ष भी मनाएंगे। इस बार हम नए साल विक्रम संवत 2081 का स्वागत करेंगे। इस दिन अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शश राजयोग का संयोग बन रहा है। हर बार हिंदू वर्ष पर किसी ना किसी ग्रह का आधिपत्य होता है, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, विक्रम संवत 2081 के राजा मंगल होंगे और मंत्री शनि देव होंगे। इस पूरे साल में शनि और मंगल का प्रभाव बना रहा है। हिंदू नववर्ष की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और शश राजयोग में होने जा रहा है, जिसे काफी शुभ माना जाता है। आप चाहें तो 9 अप्रैल को किसी भी अच्छे काम की शुरुआत कर सकते हैं।