देवरिया। दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। दिल्ली की जनता ने इस बार दिल खोलकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया। पूरे 27 साल बाद दिल्ली में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। पिछले 10 सालों से दिल्ली में AAP की सरकार रही फिर भी इस चुनाव में AAP के कई दिग्गज नेता भी अपनी सीट नहीं बचा सके। दिल्ली की 70 सीटों में से 43 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है जबकी AAP को 27 सीटों पर जीत मिली है। जबकी कांग्रेस दिल्ली में अपना खाता भी नहीं खोल पाई है।
AAP के दिग्गज नहीं बचा पाए सीट
दिल्ली विधानसभा चुनावों के नतीजों में साफ हो चुका है कि 10 सालों से सीएम रहे अरविंद केजरीवाल समेत AAP के कई दिग्गज नेताओं को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है। अरविंद केजरीवाल समेत, मनीष सिसौदिया, सत्येंद्र जैन को भी बड़ी हार मिली है। शुरुआती रुझानों में दिल्ली की सीएम आतिशी भी हारते नजर आ रहीं थी लेकिन नतीजे आते तक उन्होंने बढ़त बनाई और अपनी सीट बचा पाईं। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ये तीनों ही नेता जिन्हें हार का मुंह देखना पड़ा भ्रष्टाचार के आरोपों में लंबे समय तक जेल में बंद रहे थे।
27 सालों बाद दिल्ली लौटी भाजपा
दिल्ली में बीजेपी की सरकार पूरे 27 सालों बाद बनने जा रही है। इससे पहले 1993 में भाजपा ने दिल्ली की 49 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी सरकार बनाई थी। उन 5 सालों में भाजपा ने 3 बार अपना सीएम बदला। बीजेपी सरकार में मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और फिर सुषमा स्वराज सीएम बनाई गईं थी। उसके बाद कांग्रेस ने दिल्ली में लगातार 15 साल तक सरकार बनाई और 2013 के बाद आम आदमी के अस्तित्व में आने के बाद लगातार 10 सालों तर दिल्ली में AAP की सरकार बनी और अरविंद केजरीवाल सीएम पद पर रहे। इन चुनावों में देखा जाए तो भाजपा को पूरे 40 सीटों की बढ़त मिली है जबकी AAP को 40 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है।