देवरिया। बिहार के छपरा जिले में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा 30 से ज्यादा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि ‘शराब पीना बुरा है, जो पिएगा, वो मरेगा’। बिहार में पूरी तरह शराबबंदी है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं। वहीं बुधवार को विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सीएम नीतीश कुमार सदन में अपना आपा खो बैठे और गुस्से में भाजपा के सदस्यों को अपशब्द कह दिया। सत्र के दौरान विपक्षी दल भाजपा ने छपरा में हुई शराब से मौत का मामला उठाया था, जिस पर नितीश कुमार ने गुस्से में जवाब देते हुए कहा कि-“तुम लोग ही शराब बिकवा रहे हो तुमलोग शराबी हो, अब बर्दाश्त नहीं करेंगे”
विपक्ष ने की माफी की मांग
सदन में सीएम नीतीश कुमार के द्वारा जवाब मिलने के बाद विपक्ष भी शांत नहीं हुआ उन्होंने अपशब्द का उपयोग करने पर माफी की मांग की। सदन में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में शराब बंदी के बाद भी हो रही मौतों को लेकर नीतीश सरकार से सवाल किया था।
बढ़ता ही जा रहा है मौत का आंकड़ा
छपरा में जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार रात 5 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि 15 लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। मशरख और इसुआपुर में देसी शराब का जखीरा अवैध तरीके से पहुंचाया गया था। 50 से ज्यादा लोगों के इस जहरीली शराब को पीने की सूचना है। कई लोग अभी भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं।
शराबबंदी के बाद भी हो रही मौतें
सत्ता में आने पर नीतीश सरकार ने शराबबंदी पर सख्त कानून बनाने और उसे लागू करने की बात कही थी। अभी भी बिहार में शराबबंदी लागू है। उसके बाद भी आए दिन जहरीली शराब पीने से मौत की खबरें आती रहती हैं।