देवरिया। राजस्थान के भरतपुर की महिला सांसद संजना जाटव इन दिनों काफी चर्चा में हैं। कारण हैं उनके पति कॉन्सटेबल कप्तान सिंह। दरअसल सांसद बनने के बाद उन्होंने अपने ही पति को अपनी सुरक्षा में तैनात किया है । यानी की अब सांसद पति ही उनके PSO होंगे। संजना हमेशा से ही खुद को इस मुकाम तक पहुंचाने का श्रेय अपने पति को देती आई हैं। संजना जाटव और उनके पति दूसरे दंपतियों के लिए एक मिसाल भी पेश कर रहे हैं।

पहली बार सांसद पति की सुरक्षा में पति की ड्यूटी
देश में बहुत ही महिला सांसद हुई हैं लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी महिला सांसद की सुरक्षा में उनके पति को लगाया गया हो। कुछ दिनों पहले ही सांसद संजना जाटव ने सिफारिश करके अपने पति को अपना निजी सुरक्षा अधिकारी बनाया है। संजना जाटव के निर्देश पर अलवर के एसपी आनंद शर्मा ने इसके आदेश जारी किए थे। आपको बता दें संजना देश की सबसे कम उम्र की सांसद भी हैं।


संजना जाटव ने क्या कहा

पति को PSO नियुक्त किए जाने पर जब संजना से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके पति ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं और अब ड्यूटी के दौरान भी वो उनके साथ रहेंगे। वहीं कप्तान सिंह ने सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा में काम करके बहुत अच्छा लग रहा है। एक महीने पहले संजना की सुरक्षा के लिए अनुमति मांगी थी और पुलिस विभाग से उन्हें अनुमति मिल गई है। कॉन्सटेबल कप्तान सिंह अलवर थाने में पदस्थ हैं।


18 की उम्र में हुई शादी, पार्षद के रूप में पहली जीत
संजना जाटव की शादी महज 18 साल की उम्र में कप्तान सिंह से हुई थी। उन्होंने अपने राजनीति जीवन की शुरुआत अलवर के वार्ड नंबर 29 से पार्षद के रूप में चुनाव लड़कर की थी और जीत भी हासिल की। 2023 में कठूमर विधानसभा भी चुनाव लड़ा था लेकिन 409 वोटों से हार गईं। लोकसभा चुनावों में उन्होंने फिर से कांग्रेस की टिकट पर भरतपुर से चुनाव लड़ा और 51 हजार वोटों से जीत दर्ज की। राजनीति में अपने करियर को लेकर संजना जाटव पूरा श्रेय अपने पति और ससुर को देती हैं।