देवरिया। 28 सितंबर रविवार को एशिया कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। लेकिन प्राइजिंग डिस्ट्रीब्यूसन सेरेमनी में भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसका कारण पहलगाम हमले के बाद चल रहे भारत-पाक तनाव और पाकिस्तान का विरोध है। इसके मोहसीन नकवी ने ट्रॉफी किसी और के हाथों दिलवाने की बजाए ट्रॉफी और मेडल वापस ले गए। अब BCCI ने इस बात का विरोध जताने का फैसला किया है।  

नवंबर में होने वाली बैठक में दर्ज करेंगे विरोध

बीसीसीआई ने नवंबर में होने वाली आईसीसी की बैठक में एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख मोहसिन नकवी के खिलाफ विरोध जताने वाला है। मोहसीन नकवी के हाथो ट्रॉफी लेने से इनकार करने के बाद मोहसिन ट्रॉफी लेकर चले गए थे। टीम को जीतने के बाद भी ट्रॉफी नहीं मिली। बीसीसीआई सचिव देव जीत सैकिया ने भारतीय टीम के इस कदम को सही ठहराया और कहा कि- “भारत ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकता जो “देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रहा है। यह अप्रत्याशित है, बहुत बचकाना है और हम नवंबर के पहले हफ्ते में दुबई में होने वाली आईसीसी की आगामी बैठक में आईसीसी के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। “

इंतजार करते रहे नकवी, नहीं आई टीम

मैच के बाद प्राइसिंग सेरेमनी से पहले नकवी एक ओर खड़े थे और भारतीय खिलाड़ी विरोध में पास में ही मैदान पर बैठे रहे लेकिन मंच पर नहीं गए। नकवी आधे घंटे से ज्यादा खड़ रहे लेकिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेना उन्हें मंजूर नहीं था। जैसे ही नकवी मंच पर आए, दर्शकों ने “भारत माता की जय” के नारे लगाए। आयोजकों ने उन्हें बताया कि खिलाड़ी ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगे और जबरदस्ती हुई तो विरोध दर्ज होगा। आखिर में आयोजकों ने ट्रॉफी को मैदान से हटाकर सीधे ड्रेसिंग रूम में पहुंचा दिया।

पीएम ने इस विरोध पर किया ट्विट

भारत को मिली इस जीत और ट्रॉफी ना लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्विट  किया। अपने एक्स अकाउंट पर पीएम मोदी ने लिखा-

“ #OperationSindoor on the games field.

Outcome is the same – India wins!

Congrats to our cricketers.”