देवरिया। बीसीसीआई ने सचिन तेंदुलकर की जर्सी नंबर 10 के बाद अब एमएस धोनी की जर्सी नंबर 7 को रिटायर करने का फैसला किया है। किसी खिलाड़ी के जर्सी नंबर के रिटायर होने का मतलब होता है कि अब वह नंबर किसी दूसरे खिलाड़ी को नहीं दिया जाएगा। अब भारत के किसी क्रिकेटर को 7 नंबर की जर्सी नहीं मिलेगी। जब भी कोई क्रिकेटर अपना पहला मैच खेलता है और भारतीय टीम की जर्सी पहनता है तो उसके पसंद का नंबर उसकी जर्सी पर लिखा होता है। लेकिन अब खिलाड़ी 7 नंबर की जर्सी सेलेक्ट नहीं कर पाएंगे।
जर्सी रिटायर होना खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात
साल 2017 में सचिन को यह सम्मान मिला था जब उनकी जर्सी नंबर 10 को रिटायर कर दिया गया था। उसके बाद 2023 में धोनी को यह सम्मान मिला है। बीसीसीबाई ने युवा खिलाड़ियों और वर्तमान भारतीय टीम के खिलाड़ियों को एमएस धोनी की नंबर 7 जर्सी नहीं लेने के लिए कहा गया है। भारतीय क्रिकेट में धोनी का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई है। उनकी जर्सी नंबर-7 को रिटायर करना उनके इसी योगदान का सम्मान है। धोनी ने आखिरी बार 2019 में विश्व कप के सेमीफाइनल में 7 नंबर की जर्सी पहनी थी। यह मैच इंग्लैंड के मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था।
किसी ने लकी नंबर, तो किसी ने ज्योतिषी सलाह से चुना जर्सी नंबर
खिलाड़ी किसी भी नंबर की जर्सी का चुनाव कर सकते हैं। ज्यादातर खिलाड़ी अपने लकी नंबर का जर्सी चुनते हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का लकी नंबर 9 है, इसलिए उन्होंने 45 नंबर की जर्सी चुनी है, क्योंकी 4 और 5 का जोड़ भी 9 होता है। सौरव गांगूली ने ज्योतिष सलाह के अनुसार अपने करियर में 1, 24 और 99 नंबर की जर्सियां चुनी थी। सचिन की 10 नंबर की जर्सी रिटायर हुई है लेकिन पहले उन्होंने 99 नंबर की जर्सी चुनी थी लेकिन बाद में उसे 10 नंबर पर बदल दिया। वहीं अपनी पत्नी का जन्मदिन याद रखने के लिए राहुल द्रविड़ ने 19 नंबर की जर्सी चुनी थी। वीरेंद्र सहवाग ने कुछ दिनों तक बिना नंबर की जर्सी पहनकर यह संदेश दिया कि नंबर से उनके खेल में कोई फर्क नहीं पड़ता।