देवरिया। बांग्लादेश में हालात दिन पर दिन बिगड़ते चले जा रहे हैं। आरक्षण को लेकर चल रहे प्रदर्शनों ने उग्र रूप ले लिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि प्रदर्शनकारी अब आंदोलनकारी बन चुके हैं। हिंसक बन चुके इस विरोध प्रदर्शन में लोगों ने ढाका में पीएम आवास पर भी हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि शेख हसीना को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा।
बांग्लादेश से भारत पहुंची शेख हसीना
शेख हसीना ने इस्तीफा देने के बाद अपनी बहन के साथ ही बांग्लादेश छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश से वो सेना के हेलीकॉप्टर में बैठकर सीधे दिल्ली के हिंडनबर्ग एयरबेस पहुंची। इधर भारत में पीए मोदी ने सुरक्षा मामलों के मंत्रिमंडल की बैठक ली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शेख हसीना दिल्ली से लंदन के रवाना होंगी।
भारत-बांग्लादेश ट्रेनें कैंसिल
बांग्लादेश के तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भारत और बांग्लादेश के बीच सभी ट्रेन सेवाओं को रद्द कर दिया है। पश्चिम बंगाल- बांग्लादेश सीमा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी घटना से बचने के लिए सीमा पर सेना के सभी अधिकारी अलर्ट पर रखे गए हैं। सीमावर्ती इलाकों की एक-एक गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
बांग्लादेश में क्यों बिगड़े हालात
साल 2018 में बांग्लादेश में सरकार ने अलग-अलग समुदाय को मिलने वाला 56 प्रतिशत आरक्षण खत्म कर दिया था। सरकार के फैसले को बीते 5 जून को ढाका हाईकोर्ट ने बदल दिया और दोबारा आरक्षण लागू कर दिया। इसके बाद पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए थे। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट के फैसले में परिवर्तन करते हुए आरक्षण की सीमा 56 प्रतिशत से कम कर 7% कर दी। इसमें 5 प्रतिशत स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को दिया गया जो पहले 30% था और 2 प्रतिशत एथनिक माइनॉरिटी, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों को दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 93 प्रतिशत नौकरियां मेरिट के आधार पर मिलेंगी। सिर्फ 7 प्रतिशत आबादी को ही आरक्षण का लाभ मिलेगा।