देवरिया। बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला ने यह साबित कर दिया है कि जब कोई महिला पुलिस की वर्दी पहनती है, तो वह सिर्फ पुलिसकर्मी होती है, महिला या पुरुष का कोई फर्क नहीं रह जाता। चाहे हालात कितने भी मुश्किल हों, उन्हें सिर्फ अपना फर्ज निभाना दिखता है। एसपी वृंदा शुक्ला ने महिला सशक्तिकरण का असली मतलब समझाया है। आइए जानते हैं, कौन हैं एसपी वृंदा शुक्ला और क्यों इन दिनों इनकी चर्चा हो रही है।
तनावपूर्ण हालात को संभाला
सोशल मीडिया और खबरों में एसपी वृंदा शुक्ला की खूब चर्चा हो रही है। इसकी वजह है कि उन्होंने हाल ही में बहराइच में बने तनावपूर्ण हालात को काफी बहादुरी से संभाला। वृंदा शुक्ला बहराइच में खुद हिंसाग्रस्त इलाकों में फील्ड पर उतरीं। उन्होंने उन जगहों पर स्थिति को नियंत्रण किया जहां हालात काफी बिगड़ चुके थे। अब हर तरफ उनके साहत की तारीफ हो रही है।
2014 बैच की आईपीएस अधिकारी
वृंदा शुक्ला 2014 बैच की यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। वे हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंचकूला से ही की और फिर पुणे के महिंद्रा यूनाइटेड वर्ल्ड कॉलेज ऑफ इंडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड सोशल साइंस से आगे की पढ़ाई की।
लंदन से लौटकर बनीं आईपीएस अधिकारी
लंदन से लौटने के बाद, वृंदा शुक्ला ने एक प्राइवेट नौकरी कर ली थी। लेकिन नौकरी के साथ ही उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी की और दूसरे प्रयास में 2014 में सफल हो गईं। शुरुआत में उन्हें नागालैंड कैडर मिला था, लेकिन बाद में वे यूपी कैडर में आ गईं।