देवरिया। वाराणसी की काशी विश्वनाथ मंदिर में अब बाबा को चढ़ने वाला प्रसाद खास विधि से तैयार होकर अर्पित किया जाएगा। तिरुपति बालाजी में हुए विवाद के बाद मंदिर ट्रस्ट ने यह फैसला लिया है। इस प्रसाद को शुद्धता, गुणवत्ता और साफ-सफाई खास ध्यानरखर बनाया जाएगा।

किससे बनेगा प्रसाद?

बाबा विश्वनाथ को चढ़ने वाला यह प्रसाद पूरी तरह से शुद्द और धार्मिक विधि से तैयार होगा। इस बनाने से पहले स्नान करके शुद्ध होना जरूरी होगा। इसके बाद प्रार्थना करके प्रसाद बनान की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। इस विशेष प्रसाद को चावल के आटे में बेलपत्र मिलाकर तैयार किया जा रहा है। इस प्रसाद को सिर्फ हिंदू रसोइयों के द्वारा बनाया जा रहा है। 12 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन पहल बार बाबा को यह प्रसाद अर्पित किया गया।

शास्त्रीय विधि से तैयार हो रहा प्रसाद
बाबा काशी विश्वनाथ का यह प्रसाद शास्त्रों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। शास्त्रों में बताए गए नियम और विधि के अनुसार टीम ने चावल के आटे, शक्कर और बेल पत्र के चूर्ण से प्रसाद को तैयार किया। इसमें वही बेल पत्र उपयोग किया जा रहा हैजो बाबा विश्वनाथ में चढ़ाया जाता है। प्रसाद की शुद्धता पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

कमिश्नर ने बांटा पहला प्रसादम
विजयादशमी पर वाराणसी के कमिश्नर राज शर्मा ने काशी विश्वनाथ पर चढ़ाया गया पहला प्रसाद अपने हाथों से बांटा। अभी प्रसाद मंदिर के द्वारा ही तैयार किय जा रहा है लेकिन बाद में यह जम्मेदारी अमूल को दे दी जाएगी। अमूल से साफ-सफाई और शुद्धता के लिए रखी गई सारी शर्ते स्वीकार कर ली है। अमूल के कर्मचारी भी नहाने के बाद सभी विधान को पूरा करके ही प्रसाद बनाएंगे।