देवरिया। श्री राम की अयोध्या नगरी दिवाली की पूर्व संध्या 22 लाख दियों से जगमगा उठी। 11 नवंबर शनिवार को अयोध्या में सरयू नदी के तट राम की पौड़ी में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि इस बार के दीपोत्सव में अयोध्या ने अपना ही पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इस खास पल को देखने के लिए 54 देशों के राजनायिक भी अयोध्या के घाटों पर मौजूद रहे और सीएम के साथ पूरे अयोध्या को शुभकामनएं दी।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दर्ज किया नया रिकॉर्ड
दीपोत्सव के नए रिकॉर्ड की निगरानी और रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए गिनीज बुक की टीम पहले ही अयोध्या पहुंच गई थी। दिए जलाए जाने के बाद टीम ने दियों की गणना ड्रोन से की। गणना के बाद टीम ने सीएम योगी आदित्यनाथ को रिकॉर्ड तोड़ने का नया प्रमाण पत्र सौंपा। योगी आदित्यनाथ ने पूरी अयोध्यावासियों का अभिवादन किया और उन्हें बधाई दी। अयोध्या के कुल 51 घाटों पर 22 लाख दिए जलाकर नया किर्तीमान रच दिया गया है।

2017 से चली आ रही परंपरा, हर साल बढ़ी दीपों की संख्या
यह परंपरा साल 2017 से चली आरही है जब से उत्तर प्रदेश में CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का गठन हुआ है। साल 2017 में लगभग 51,000 दीयों के साथ दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी। 2019 में यह संख्या बढ़कर 4.10 लाख हो गई, 2020 मे 6 लाख से ज्यादा दिए जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया गया, 2021 में 9 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक जलाए गए, पिछले साल 2022 में राम की पैड़ी के घाटों पर 17 लाख से ज्यादा दीये जलाए गए और इस बार 22.23 लाख दिए जलाकर अयोध्या ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स केवल उन्हीं दीयों की गणना करती है जो पांच मिनट या उससे ज्यादा समय तक जलते रहते हैं, पिछला रिकॉर्ड 15.76 लाख दियों का था।

दीपोत्सव पर भव्य त्योहार सा माहौल देखने को मिला
इस बार अयोध्या अपना सातवां दीपोत्सव मना रहा था, दीपोत्सव के आयोजन से पूरे अयोध्या में किसी बड़े त्योहार की तरह माहौल और रौनक थी। दिवाली की पूर्व संध्या इस भव्य आयोजन को सफलता पूर्वक पूरा किया गया। दिए जलाने से पहले रामायण, रामचरितमानस और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित 18 झांकियों के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी।शोभायात्रा, उदया चौराहे से शुरू हुई और शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए राम कथा पार्क पहुंची। शहर के कई स्थानों पर लोगों ने झांकियों को रोककर आरती भी उतारी।

झांकियों में शामिल किए गए सामाजिक मुद्दे
निकाली गई झांकियों में ज्यादातर सामाजिक मुद्दों से जुड़ी झांकिया तैयार की गई थी, जिनमें बाल अधिकार, भयमुक्त समाज, गुरुकुल शिक्षा व बच्चों का अधिकार, बेसिक शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा व कल्याण, आत्मनिर्भरता, वन एवं पर्यावरण संरक्षण, और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे विषयों को स्थान दिया गया था। अपराधियों एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध अभियान की भी झांकियां बनाई गई थीं। इसके साथ ही सरकारी कार्यक्रमों को भी प्रदर्शित किया गया। झांकी के साथ लाइट शो और राम लीला का प्रदर्शन खास आकर्षण का केंद्र रहा।

सोशल मीडिया पर झांई दीपोत्सव की सुंदर तस्वीरें
अयोध्या के साथ-साथ अब पूरे देश को अयोध्या के दीपोत्सव का इंतजार रहता है। दीपोत्सव की तैयारियो से लेकर रिकॉर्ड बनाने तक की खूबसूरत और मनमोहक तस्वीरों सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही हैं।