देवरिया। सोमवार को नोबल पुरस्कार 2024 के लिए घोषणा शुरु हो गई है। मेडिसिन के क्षेत्र में 2024 का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी के दो वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से दिया जा रहा है। इन्हें माइक्रो आरएनए की खोज करने के लिए ये नोबल पुरस्कार मिलेगा। मंगलवार को फिजिक्स के नोबल पुरस्कारों की भी घोषणा हो चुकी है।

मेडिसिन में इन्हें मिला नोबल
मेडिसिन में जिन वैज्ञानिकों को नोबल पुरस्कार (Nobel Price 2024)का ऐलान हुआ है उनमें (victor ambros) विक्टर एंब्रोस और (gary ruvkun) गैरी रुवकुन शामिल हैं। एंब्रोस ने अपना यह शोध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में किया वो यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स मेडिकल स्कूल में नेचुरल साइंस के प्रोफेसर हैं। वहीं रुवकुन ने यह शोध मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में पूरा किया।

क्या होता है माइक्रो आरएनए ?
माइक्रो आरएनए (micro rna) जेनेटिक मेटेरियल आरएनए का एक छोटा टुकड़ा होता है। ये कोशिका के स्तर पर जीन की कार्यप्रणाली को बदलने में अहम भूमिका निभाता है। अपनी खोज में दोनों वैज्ञानिकों ने जीन को नियंत्रित करने के नए सिद्धांत के बारे में बताया है। इस शोध से यह जानने में मदद मिली है कि शरीर में कोशिकाएं कैसे काम करती हैं।

फिजिक्स का नोबल पुरस्कार
फिजिक्स के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (Nobel Price 2024) का भी ऐलान कर दिया गया है। यह दो वैज्ञानिकों को दिया गया है। साइंटिस्ट जॉन होपफील्ड (geoffrey hinton) और जेफ्री हिंटन (professor john hopfield) को यह पुरस्कार दिया जाएगा। इन वैज्ञानिकों को यह प्राइज आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क के अंदर मशीन लर्निंग को सक्षम बनाने से जुड़े आविष्कार करने के लिए दिया गया है।