देवरिया। विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में घटिया सामग्री और एनिमल फैट के कथित इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ है। सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने गुरुवार को दावा किया कि गुजरात की एक पशुधन प्रयोगशाला ने मिलावट की पुष्टि की है। टीडीपी प्रवक्ता अनम वेंकट रमन रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक लैब रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें घी के नमूने में “बीफ टैलो” पाए जाने की पुष्टि की गई है।

कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
इस मामले में आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने एक्स पर लिखा- ‘चंद्रबाबू नायडू की यह टिप्पणी कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए लड्डू प्रसादम में घी की जगह पशु तेल का इस्तेमाल किया, तिरुमाला की पवित्रता और प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने करोड़ों हिंदुओं के आराध्य भगवान वेंकटेश्वर का अपमान किया है। हम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मांग करते हैं कि यदि आपके आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं हैं और आप भावनाओं का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते, तो तुरंत एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करें या फिर सीबीआई जांच कराएं।

ठेकेदार को किया ब्लैकलिस्टेड
प्रसाद की गुणवत्ता की जांच के लिए समिति ने प्रसाद बनाने में उपयोग हुए घी के नमूने भेजे थे। एनडीडीबी गुजरात ने जांच के बाद एनिमल फैट होने की पुष्टी की। जुलाई में जारी हुए लैब रिपोर्ट में लड्डुओं में भी चर्बी की पुष्टि की थी । प्रसाद के लिए घी तमिलनाडु के डिंडीगुल के एआर डेयरी फूड्स से लिए गए थे। घी के बचे हुए स्टॉक को लौटा दिया गया है और घी सप्लाई करन वाले ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया गयाहै।

IAS अधिकारी ने दिए थे जांच के आदेश
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के प्रशासन की जिम्मेदारी टीडीपी के हाथों में है। जून में टीडीपी सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जे श्यामला राव को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम का नया कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया था। उन्होंने तिरुपति में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें लड्डू की कथित घटिया गुणवत्ता, स्वाद और बनावट की जांच के आदेश भी शामिल थे।