देवरिया।वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई सर्वे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद मुस्लिम पक्ष के याचिका को खारिज करते हुए ज्ञानवापी परिसर के एएसआई सर्वे को अनुमति दे दी है। कोर्ट ने एएसआई सर्वे को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
सर्वे रोकने के लिए मुस्लिम पक्ष की दलील क्या थी
ज्ञानपावी परिसर के एएसआई सर्वे को रोकने के लिए मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि सर्वे से मस्जिद के मुख्य ढांचे को नुकसान हो सकता है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि 400 साल पुरानी मस्जिद को नुकसान पहुंचने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। हाईकोर्ट ने एएसआई को मुख्य ढांचे को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। अब मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है।
ASI ने दाखिल किया एफिडेविट
मुस्लिम पक्ष के मुख्य ढांचे को नुकसान होने की बात के बाद ASI की तरफ से एक एफिडेविट दाखिल किया गया है जिसमें साफ किया गया है कि सर्वे में किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। ASI ने यह भी कहा कि अगर खुदाई की आवश्यकता पड़ती भी है तो उसके लिए पहले कोर्ट से इजाजत ली जाएगी और अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही हाईकोर्ट ने सर्वे की अनुमित दे दी।
हिंदू पक्ष सर्वे क्यों कराना चाहता है
हिंदू पक्ष का कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर से लगी ज्ञानवापी मस्जिद को औरंगजेब के द्वारा मंदिर परिसर को तोड़कर बनाया गया है। मस्जिद परिसर की पहले हुई जांच मेंहिंदू धर्म के चिन्ह मिले हैं। साथ ही वजू खाने में शिवलिंग के आकार की आकृति मिली है जिसे मुस्लिम पक्ष फव्वारा बता रहा था। लेकिन जांच में वहां किसी प्रकार से पानी के निकलने के लिए पाइप या कोई जगह नहीं मिली थी।
हिंदू मंदिर के अनगिनत साक्ष्य मौजूद हैं: वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन
मस्जिद के सर्वे पर वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन ने कहा कि- “वहां ऐसे अनगिनत साक्ष्य मौजूद हैं जो बताते हैं कि यह एक हिंदू मंदिर था। ASI सर्वे से तथ्य सामने आएंगे। मुझे यकीन है कि असली ‘शिवलिंग’ वहां मुख्य गुंबद के नीचे छुपाया गया है। इस सच्चाई को छुपाने के लिए वे (मुस्लिम पक्ष) बार-बार आपत्ति जता रहे हैं। वे जानते हैं कि इसके बाद यह मस्जिद नहीं रहेगी और वहां भव्य मंदिर बनने का रास्ता साफ हो जाएगा”
इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण करने की अनुमति देने परउत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा “मैं आदेश का स्वागत करता हूं। मुझे विश्वास है कि ASI के सर्वेक्षण से सच्चाई सामने आएगी और इस विवाद का भी निस्तारण होगा”।