देवरिया। न्याय का मंदिर कहे जाने वाले न्यायालय या कोर्ट में हम एक मूर्ति देखते आ रहे हैं। उस मूर्ति को न्याय की देवी या लेडी ऑफ जस्टिस कहा जाता है। उस मूर्ति के बारे में बात होते ही एक हाथ में तराजू दूसरे हाथ मे तलवार लिए एक महिला की छवि दिखती है जिसके आंखों में काली पट्टी बंधी होती है। लेकिन अब यह मूर्ति का एक नया रूप भी देखने को मिला है। आइए जानते हैं कहां और किसने लगाई है यह मूर्ति।

सुप्रीम कोर्ट में दिखी नई मूर्ति
न्याय की देवी की नई मूर्ति सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई है। इस मूर्ति को भारतीय नारी का रूप दिया गया है। साड़ी पहने मूर्ति की आंखों में पट्टी नहीं बंधी है। सर पर मुकुट लगा हुआ है। न्याय की देवी के एक हाथ में पहले की तरह ही तराजू है लेकिन दूसरे हाथ से तलवार हटा दी गई है। तलवार की जगह संविधान रखा हुआ दिखाया गया है। इस मूर्ति को देखने के बाद अब यह नहीं कहा जा सकता कि कानून अंधा होता है।

किसने किया ये बदलाव
ये सकारात्म बदलाव देश मुख्य न्यायाधीश की सोच का असर है। उन्होंने ही न्याय की देवी की इस नई छवि की मूर्ति बनवाई है। अभी यह मूर्ति सुप्रीम कोर्ट के जजेस लाइब्रेरी में लगी हुई है। यह मूर्ति सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के लिए बनवाई गई है या पूरे देश के कोर्ट में ऐसी ही मूर्ति लगाई जाएगी यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।