देवरिया। राम जन्मभूमि अयोध्या का पूरी तरह से कायाकल्प होने वाला है। अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के अलावा दूसरे धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने की तैयारी उत्तर प्रदेश सरकार कर रही है। इस योजना के पूरा हो जाने के बाद अयोध्या देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक होगा। यूपी में अब तीर्थ स्थलों के साथ-साथ पौराणिक कुंड और आश्रमों को भी विकसित किया जाएगा। आने वाले समय में अयोध्या प्रमुख धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ बड़ा टूरिस्ट प्लेस बनकर उभरेगा।
विकास कार्यों की पहली किस्त जारी
पर्यटन स्थलों के विकास को जल्द-जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए इस प्रोजेक्ट के लिए पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। अयोध्या के 37 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जिनका कायाकल्प किया जाएगा। इनमें प्रमुख पौराणिक और ऐतिहासिक स्थान, कुंड, मठ और मंदिर, आश्रम, विभिन्न पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया है। सभी स्थानों में प्रस्तावित काम को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की दिया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पर्यटन स्थल
धार्मिक और पर्यटन के चिन्हित 37 स्थानों को विकास कार्यों के माध्यम से सुंदर तो बनाया ही जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों को हर तरह की आधुनिक सुविधाएं देने की भी व्यवस्था की जाएगी। इन जगहों पर फसाड ट्रीटमेंट और अवस्थापना सुविधाओं के लिए 68.80 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। जिन कार्यों के लिए राशी स्वीकृत हुई है, उसमें बिल्डिंग रेनोवेशन, आर्ट, पेंडिंग, लाइटिंग अरेस्ट्रो, फसाड ल्यूमिनेशन, विजिटर एमिनिटीज, फुटपाथ का रेनोवेशन और मरम्मत, पीने की साफ पानी की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, स्ट्रीट फर्नीचर, लाइट की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे का इन्सटॉलमेंट शामिल है।
अयोध्या के इन 37 जगहों का होगा कायाकल्प
योजना में शामिल स्थानों में से प्रदेश के सभी प्रमुख स्थानों को शामिल किया गया है, जिनमें राम कचेहरी मंदिर, ब्रम्ह कुंड गुरुद्वारा, रिषभ स्थान, पनास मंदिर, सियाराम किला, दिगंबर अखाड़ा, तुलसी चैाराहा मंदिर, जानकी घाट, बड़ा स्थान, दशरथ भवन मंदिर, लक्ष्मण किला, मंगल भवन, अक्षरी मंदिर, कौशल्या घाट मंदिर, भारत महल मंदिर, हनुमान मंदिर, कालेराम मंदिर, नेपाली मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर, मयूर मंदिर, राम गुलेला मंदिर, करतलिया बाबा मंदिर, तिवारी मंदिर, वेद मंदिर, सिंघम मंदिर, गारापुर मंदिर, राम पुस्तकालय मंदिर, विद्या देवी मंदिर, देवकाली कुंड मंदिर, सरोवर मंदिर, धन्यानाष्य कुंड मंदिर, मणिराम दास छावनी मंदिर, बरेली मंदिर, रंग महल मंदिर, सीशराज महल मंदिर, मोतीहारी मंदिर, महादेव मंदिर को विकसित किया जाएगा।