देवरिया न्यूज़

देश की 4 विभूतियों को भारत रत्न पुरस्कार, लालकृष्ण आडवाणी को घर पर दिया जाएगा सम्मान

देवरिया। शनिवार को राष्ट्रपति भवन में भारत रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में देश की चार विभूतियों को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह, नरसिम्हा राव, पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर और कृषि वैज्ञानिक डॉ.एमएस स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया। भारत रत्न से सम्मानित सभी हस्तियों के परिजनों ने यह सम्मान स्वीकार किया।

आडवाणी को घर जाकर किया जाएगा सम्मानित

लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्यगत कारणों से परिवार के सदस्य समारोह में नहीं पहुंचे। उनके परिवार से भी कोई सदस्य पुरस्कार लेने नहीं पहुंचा था। लाल कृष्ण आडवाणी 96 साल को हो चुके हैं और कहीं भी आने-जाने में सक्षम नहीं है। ऐसे में फैसला किया गया है कि उन्हें भारत रत्न सम्मान उनके घर पर ही जाकर दिया जाएगा। इस बार 5 हस्तियों को भारत रत्न देने का ऐलान हुआ हैं जिनमें से केवल लाल कृष्ण आडवाणी ही जीवित हैं, शेष सभी हस्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया है।



कर्पूरी ठाकुर के बेटे ने लिया सम्मान

बिहार से 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके जननायक कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर ने पिता के स्थान पर राष्ट्रपति के हाथों भारत रत्न ग्रहण किया। इस दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। 24 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती थी। इसके ठीक एक दिन पहले 23 जनवरी को उन्हें भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया गया। कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को बिहार समस्तीपुर जिल के पिपरी गांव में हुआ था।


नरसिम्हा राव के बेटे ने ग्रहण किया सम्मान
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भी मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया, जिसे स्वीकार करने उनके बेटे पीवी प्रभाकर राव राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। नरसिम्हा राव को भारत की इकॉनॉमी को कठिन समय में सुधारने के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने उस समय प्रधानमंत्री का पद संभाला जब भारत गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था।



एमएस स्वामीनाथन की बेटी नित्या राव ने लिया सम्मान

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन की बेटी नित्या राव ने अपने पिता की ओर से यह सम्मान प्राप्त किया। बता दें कि एमएस स्वामीनाथन का जन्म 7 अगस्त, 1925 को कुंभकोणम, तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने 2 और कृषि मंत्रियों जगजीवन राम और सी सुब्रमण्यम के साथ मिलकर देश में हरित क्रांति की दिशा में काम करके धान और गेहूं के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी लाई थी। उन्होंने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए सरकार के सामने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसे स्वामीनाथन रिपोर्ट कहा गया। स्वामीनाथन की इस रिपोर्ट में किसानों की स्थिति को बेहतर करने के लिए कई सुझाव दिए गए थे।


चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी ने ग्रहण किया सम्मान

भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते और आरएलडी के नेता जयंत चौधरी ने अपने दादा के स्थान पर पुरस्कार प्राप्त किया। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन के अवसर पर 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के नूरपुर में एक मिडिल क्लास परिवार में हुआ था। उन्हें किसानों के मसीहा के रूप में जाना जाता है।

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *