देवरिया। पूरे देश में 76वां गणतंत्र दिवस (76thRepublic Day) धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली में हर साल की तरह भव्य कार्यक्रम और परेड का आयोजन हुआ। इस बार परेड में अलग-अलग राज्यों की झांकियां प्रदर्शित की गई। जिसमें राज्यों ने अपनी-अपनी धर्म, संस्कृति और राज्यों में होने वाले विकास को प्रदर्शित किया। इन सब में उत्तर प्रदेश की कुंभ की झांसी पूरे गणतंत्र दिवस समारोह में आकर्षण का केंद्र रही। भव्य कुंभ की झांकी में पूरे कुंभ की महिमा और उसके धार्मिक महत्व को दर्शाया गया था।

कुंभ की झांकी में क्या दिखाया गया
गणतंत्र दिवस परेड (76thRepublic Day) उत्तर प्रदेश की तरफ से गई कुंभ की झांकी में सबसे आगे अमृत कलश को दिखाया गया था जिसमें से अमृत धारा निकलती हुई दिखाई गई थी। इसके साथ ही झांकी में साधु-संतों को शाही स्नान करते, शंखनाद, पूजापाठ करते और आचमन करते दिखाया गया था। अमृत कलश के पीछे समुद्र मंथन की झांकी बनाई गई थी। जिसमें देवता और असुरों को समुद्र मंथन करते दिखाया गया था।
गूंजा वीरेंद्र वत्स का कुंभ पर लिखा गीत
कुंभ की झांकी के दौरान कवि वीरेंद्र वत्स का लिखा गीत चलता रहा जिसने कुंभ की झांकी रौनक में चार चांद लगा दिए। गीत के बोल कुछ इस तरह हैं-“ स्वर्गलोक की आभा उतरी तीर्थराज के आंगन में, झूम रहे हैं साधु-संत जन, पुलक भरा है तन-मन में…भव्योदिव्यो महाकुंभ: सर्वसिद्धिप्रदायक : प्रयागराजस्तीर्थानां प्रमुखो लोकविश्रुत।“ आपको बता दें महाकुंभ जो 13 जनवरी से शुरु हुआ है 26 फरवरी तक चलेगा। महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है।
गणतंत्र दिवस के 75 वर्ष पूरे
इस बार यानी साल 2025 में हमारे संविधान को गठित हुए 75 साल पूरे हुए। इसलिए इस बार का गणतंत्र दिवस (76thRepublic Day)कुछ खास रहा। कर्तव्य पथ पर हर साल की तरह इस बार भी भारतीय सेना ने अपनी सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया गया। इस बार झांकियों की थीम ‘स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास’ रही। देश भर से अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 16 झांकियां और केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 15 झांकियां प्रदर्शित की गई। इस बार मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को आमंत्रित किया गया था।