देवरिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पुलिस कर्मियों के रिटायरमेंट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य सरकार उन पुलिसकर्मियों की रिटायर करने की तैयारी में है जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग करने का आदेश दिया जारी किया जा चुका है। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की भी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 30 नवंबर तक ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट देने के आदेश दिया गया है, वहीं पीएसी में ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट 20 नवंबर तक भेजने के आदेश दिए गए हैं।


विभाग से भ्रष्टाचार हटाने की कोशिश
रिटायरमेंट देने से पहले 50 साल से अधिक उम्र वाले पुलिसकर्मियों के ट्रैक रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। उनके कार्यकाल में इस बात की खासतौर पर चांज की जाएगी कि पुलिसकर्मी भ्रष्ट या बैड वर्क एंड कंडक्ट में लिप्त ना पाया गया हो। ऐसा होने पर उन्हें तुरंत रिटायरमेंट दे दी जाएगी। पुलिसकर्मियों की स्क्रीनिंग में उनकी एसीआर यानी एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट देखी जाती है। इसमें इनके काम का मूल्यांकन, कार्यक्षमता, योग्यता, चरित्र और व्यवहार की जानकारी होती है। जिसके आधार पर फैसला लिया जाता है।

सीएम योगी ने कुछ दिन पहले दिए थे संकेत
प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर काफी सख्ती से फैसले लेते आ रहे हैं। उन्होंने पहले भी साफ किया है कि राज्य में कानून व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले भी सीएम योगी ने कई पुलिसकर्मियों को रिटायर करने का फैसला लिया है। कुछ दिन पहले सीएम योगी ने कहा भी था कि जिन अफसरों या कर्मचारियों में फैसले लेने की क्षमता नहीं है उन्हें हटाते हुए तेज-तर्रार अफसरों को जिम्मेदारी दी जाए।