देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे की शुरुआत एक बड़े निवेश प्रस्ताव के साथ हुई। सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी गोल्डन स्टेट कैपिटल की सहयोगी इकाई जीएससी ग्रीन्स ने उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता का अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए लगभग 8000 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की है। यह पहल राज्य में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ हरित निवेश को भी बढ़ावा देगी।

डिजिटल क्षेत्र को मिलेगा बल
100 मेगावाट का डेटा सेंटर किसी भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। इससे आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को स्थानीय स्तर पर डेटा स्टोरेज और क्लाउड सेवाओं की सुविधा मिल सकेगी। माना जा रहा है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। तकनीकी, प्रबंधन और संचालन से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।
हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान
बैठक में सिर्फ डेटा सेंटर ही नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रूफटॉप सोलर योजनाओं, बैटरी स्टोरेज सिस्टम और ग्रिड सपोर्ट जैसे विषयों पर विस्तार से विचार किया गया। साथ ही, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की संभावनाओं पर भी सहमति बनी। यदि ये योजनाएं लागू होती हैं तो प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क और पर्यावरणीय पहल
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर भी जोर दिया। ऐसे औद्योगिक क्षेत्र, जहां अधिकतर ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से मिले, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माने जाते हैं। इसके अलावा क्लाइमेट फाइनेंस और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उपायों पर भी चर्चा हुई, जिससे राज्य सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।
कौशल विकास से जुड़ेगा निवेश
हरित और तकनीकी परियोजनाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना भी सामने आई। नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी तकनीक और डेटा सेंटर संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया है। इससे प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक की जानकारी मिलेगी और उन्हें रोजगार पाने में आसानी होगी।
निवेश के लिए अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए बेहतर नीतियां, मजबूत आधारभूत संरचना और त्वरित निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध है। सरकार पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से सशक्त विकास मॉडल अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कंपनी को भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तलाशने का आमंत्रण दिया।
यह प्रस्तावित निवेश उत्तर प्रदेश को डिजिटल और ग्रीन विकास की दिशा में नई पहचान दे सकता है। डेटा सेंटर जहां राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, वहीं सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और ईवी ढांचा पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित होंगे। सिंगापुर में हुई यह पहल संकेत देती है कि उत्तर प्रदेश अब तकनीकी और हरित विकास के नए दौर में कदम बढ़ा रहा है।