देवरिया। लोकसभा चुनाव के बाद संसद के संयुक्त सत्र में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहली बार अपना संबोधन दिया। सबसे पहले उन्होंने आम चुनाव के सफल आयोजन के लिए चुनाव आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा- “मैं 18वीं लोकसभा के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई देती हूं। आप सभी देश के मतदाताओं का विश्वास जीतकर यहां आए हैं। देश और जनता की सेवा करने का अवसर बहुत कम लोगों को मिलता है। मुझे पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।” अपने संबोधन में उन्होंने CAA, पेपर लीक और इमरजेंसी समेत कई मुद्दों पर बात की। आइए देखते हैं राष्ट्रपति के संबोधन की बड़ी बातें।
भारत दुनिया के ग्रोथ में अकेले 15 प्रतिशत का योगदान दे रही है: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि मेरी सरकार ने CAA कानून के तहत शरणार्थियों को नागरिकता देना शुरू कर दिया है। इससे बंटवारे से पीड़ित अनेक परिवारों के लिए सम्मान का जीवन जीना तय हुआ है, जिन परिवारों को CAA के तहत नागरिकता मिली है मैं उनके बेहतर भविष्य की कामना करती हूं। साल 2021 से लेकर साल 2024 तक भारत ने औसतन आठ प्रतिशत की रफ्तार के हिसाब से विकास किया है। यह ग्रोथ सामान्य स्थितियों में नहीं हुई है। इस दौरान दुनिया ने बड़ी आपदा देखी है। भारत दुनिया के ग्रोथ में अकेले 15 प्रतिशत का योगदान दे रही है। सरकार अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों मैक्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और एग्रीकल्चर को बराबर महत्व दे रही है।
राष्ट्रपति ने किया आपातकाल का जिक्र
राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण के दौरान आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि- “आज 27 जून है। 25 जून 1975 को लागू हुआ आपातकाल संविधान पर बड़े और सीधे हमले का काला अध्याय था। उस दौरान पूरे देश में हाहाकार मच गया था। लेकिन ऐसी असंवैधानिक ताकतों पर देश ने जीत हासिल करके दिखाई। क्यों कि भारत के मूल्य में गणतंत्र की परंपराएं रही हैं।” राष्ट्रपति के ऐसा बोलते ही पीएम मोदी ने मेज थपथपाकर उनकी इस बात का समर्थन किया। जबकी विपक्ष ने शोरगुल करना शुरु कर दिया।
राष्ट्रपति ने पेपर लीक पर भी बोला
राष्ट्रपति ने पेपर लीक के मामले को भी अपने अभिभाषण में शामिल किया। उन्होंने कहा- “भविष्य में कोई पेपर लीक ना हो इसके लिए सरकार सख्त उपाय कर रही है। इसे लेकर पिछले दिनों कानून भी आ चुका है। सरकार का प्रयास है कि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिले।” इस पर भी विपक्ष ने सदन के अंदर शोर मचाना शुरू कर दिया।
केंद्रीय बजट को लेकर कही ये बात
उन्होंने बजट को लेकर कहा कि “आने वाले सत्र में सरकार इस कार्यकाल में पहला बजट लेकर आएगी। यह बजट सरकार की दूरगामी नीतियों और भविष्यवादी दृष्टिकोण का प्रभावशाली दस्तावेज होगा। बजट में बड़े आर्थिक और सामाजिक फैसलों के साथ कई ऐतिहासिक कदम भी देखने को मिलेंगे। सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के संकल्प ने भारत को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाया है।”
देश के किसानों के पास पूरी क्षमता: राष्ट्रपति
किसानों को लेकर राष्ट्रपति ने कहा, ‘पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए दिए। नए साल के कार्यकाल के शुरुआत में ही किसानों को 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। खरीफ फसलों के एमएसपी पर रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। ऑर्गेनिक उत्पादों की डिमांड को देखते हुए सप्लाई चेन को सशक्त किया जा रहा है। आजकल दुनिया में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। देश के किसानों के पास इस मांग को पूरा करने की पूरी क्षमता है, इसलिए सरकार प्राकृतिक खेती और इससे जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन को सशक्त कर रही है।’
“सरकार ने खरीफ फसलों के लिए MSP पर रिकॉर्ड वृद्धि की”
राष्ट्रपति ने कहा कि- “मेरी सरकार अर्थव्यवस्था के तीनों स्तंभों – मैन्युफेक्चरिंग, सर्विस और एग्रिकल्चर को बराबर महत्व दे रही है। पीएलआई स्कीम और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपने छोटे खर्चे पूरे कर सकें, इसके लिए पीएम किसान सम्मान निधि के तहत उन्हें 3 लाख 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि दी जा चुकी है। सरकार ने खरीफ फसलों के लिए एमएसपी पर रिकॉर्ड वृद्धि की है।”