देवरिया। CJI संजीव खन्ना ने भारत के नए CJI के रूप में शपथ ले ली है। पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायर होने के बाद संजीव खन्ना भारत के 51वें चीफ जस्टिस बने। मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ शामिल हुए।

CJI संजीव खन्ना का परिचय

संजीव खन्ना सुप्रीम कोर्ट के सीनिय जजेस के रूप में जाने जाते रहे हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवल को जमानत देने समेत कई अहम फैसले दिए हैं। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना का जन्म 14 मई 1960 को हुआ है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैकेल्टी ऑफ लॉ कैंपस से अपनी वकालत पूरी की। 1983 में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर अपना रिजस्ट्रेशन कराया था। उसके बाद उन्होंने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस किया। कुछ समय बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया।

कितने साल होगा CJI खन्ना का कार्यकाल?

CJI संजीव खन्ना 6 महीने और कुछ दिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पद पर रहेंगे। 1 मई 2025 को वो कार्यमुक्त हो जाएंगे। पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल 2 साल रहा था। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई का कार्यकाल उनकी उम्र पर निर्भर करता है। CJI जैसे ही 65 साल की उम्र पूरी करते हैं वो पद से रिटायर हो जाते हैं। CJI कितने साल पद पर रहेंगे ये उनकी शपथ लेते वक्त की उम्र पर निर्भर करता है।

कौन करता है चीफ जस्टिस का चुनाव?

भारत के राष्ट्रपति चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का चुनाव करते हैं। इसमें किसी राजनीतिक दल का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का चुनाव होता है। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजेस में से ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का चुनाव किया जाता है। आपको बता दें पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ से सलाह लेने पर उन्होंने CJI संजीव खन्ना का नाम आगे किया था।