देवरिया। गुरुवार को बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष का चुनाव जीत लिया। बृजभूषण शरण सिंह ने पहले ही दावा किया था कि संजय सिंह ही कुश्ती संघ के अध्यक्ष बनेंगे। संजय सिंह सबसे पहले 2008 में वाराणसी कुश्ती संघ के जिला अध्यक्ष बने थे। उसके बाद जब यूपी में साल 2009 में कुश्ती संघ बना तो बृजभूषण शरण सिंह प्रदेश अध्यक्ष बने थे और संजय सिंह ने उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। संजय सिंह ने बृजभूषण की घोर विरोधी, अनीता श्योराण हराते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा किया। बृजभूषण सिंह के करीबी के अध्यक्ष चुने जाने से आहत रेसरल साक्षी मलिक ने रेसलिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
बेहद भावुक दिखीं साक्षी मलिक, रोते हुए कही मन की बात
संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने से आहत साक्षी मलिक ने रोते हुए कहा कि- “आज जो महासंघ का अध्यक्ष बना है, हमें पता था वही बनेगा। वह बृजभूषण के लिए बेटे से भी प्यारा है। जो अब तक परदे के पीछे से होता था अब खुले आम होगा। हम अपनी लड़ाई में कामयाब नहीं हो पाए। हमने हर किसी को अपनी बात बताई। पूरे देश को पता होते हुए भी सही इंसान नहीं WFI का चीफ नहीं बना। अब न्याय की कोई उम्मीद नहीं। मैं अपने आने वाली पीढ़ियों को कहना चाहती हूं कि शोषण के लिए तैयार रहिए। उन्होंने रोते हुए अपने जूते मेज पर रखे और संन्यास का ऐलान किया”।
हमारे देश में कोई न्याय नहीं बचा: बजरंग पूनिया
पहलवान बजरंग पूनिया ने कहा कि- “खेल मंत्रालय ने वादा किया था कि फेडरेशन में WFI से अलग का कोई आदमी आएगा, जिस तरह पूरे तंत्र ने काम किया उससे मुझे नहीं लगता कि बेटियों को न्याय मिलेगा। हमारे देश में कोई न्याय नहीं बचा है वह केवल कोर्ट में मिलेगा, हमने जो लड़ाई लड़ी वो तो लड़ी ही, आने वाली पीढ़ी को और लड़नी पड़ेगी। सरकार ने जो वादा किया पूरा नहीं किया”।
संजय सिंह के अध्यक्ष बनने से क्यों है ऐतराज
भारतीय रेसलर्स ने लगभग 11 महीनों से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मुहिम चलाई हुई है। जिस पर उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला खिलाड़ियों का यौन शोषण का आरोप लगाते हुए सरकार और खेल विभाग से न्याय की मांग की थी। खेल मंत्रालय की तरफ से कुश्ती संघ का अध्यक्ष किसी दूसरे को बनाने का वादा किया गया था। लेकिन चुनाव के बाद संजय सिंह अध्यक्ष चुने गए जो कि बृजभूषण शरण सिंह के लिए उनके बेटे के समान माने जाते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की न्याय मिलनी की बची उम्मीद अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। जिसकी वजह से भारत को गोल्ड दिलाने वाली रेसलर साक्षी मलिक ने रिंग में कभी वापस ना जाने का फैसला कर लिया। साक्षी मलिक के अलावा विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने भी निराशा जाहिर की है।
बृजभूषण के घर के बाहर लगे पोस्टर
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर संजय सिंह की जीत के बाद बृजभूषण शरण सिंह के समर्थकों ने ‘दबदबा है, दबदबा रहेगा’ के पोस्टर लहराए। ये पोस्टर नई दिल्ली में बृजभूषण सिंह के आवास, 21 अशोका रोड के बाहर भी लगाए गए थे। पोस्टर पर लिखा- “दबदबा है, दबदबा रहेगा। यह तो भगवान ने दे रखा है।” साक्षी मलिक के कुश्ती से संन्यास लेने पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- “इससे मेरा क्या लेना-देना। मैं इसपर कुछ नहीं कर सकता”।
WFI अध्यक्ष बनने के बाद संजय सिंह क्या बोले ?
WFI का नया अध्यक्ष चुने जाने के बाद संजय सिंह ने कहा कि “जिनको कुश्ती करनी है, वो कुश्ती करें। जिनको राजनीति करनी है, वो राजनीति करें। आगे बच्चों के लिए कैंप लगाए जाएंगे। उनका साल खराब नहीं होने दिया जाएगा। ओलंपिक में जाने वाले पहलवानों की तैयारी कराई जाएगी।
