देवरिया। 28 जनवरी 2026 को संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत हर क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी तब तक पूरी नहीं मानी जा सकती, जब तक देश आत्मनिर्भर बनकर आगे न बढ़े। बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। महंगाई दर को नियंत्रित रखने का रिकॉर्ड कायम किया गया है, जिसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को मिला है।
आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख
राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि- “देश ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किया गया है और आगे भी किसी भी आतंकी हमले का जवाब मजबूती और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौता भी इसी नीति का हिस्सा है।”
माओवाद पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि- “आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पहले जहां यह समस्या 126 जिलों में थी, वह अब घटकर 8 जिलों तक सीमित रह गई है। इनमें से केवल 3 जिले ही गंभीर रूप से प्रभावित हैं। अब तक 2 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।” उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
विकसित भारत की दिशा में सरकार का संकल्प
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सोलर पावर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 20 लाख से अधिक सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों के घरों में बिजली उत्पादन संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते 11 वर्षों में नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र में 7,200 से अधिक किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया गया है। रेलवे विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। पूर्वोत्तर की सुरक्षा और विकास के लिहाज से यह दशक बेहद निर्णायक साबित हुआ है।
आदिवासी क्षेत्रों में 20 हजार से अधिक गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। SC वर्ग के छात्रों को अब तक 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की नींव मानती है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि- “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 4 लाख करोड़ रुपये किसानों को सीधे भेजे जा चुके हैं। देश में ऑयल सीड फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों को आय बढ़ाने से जोड़ा गया है। मछुआरों के हित में नई नीति बनाई गई है। वर्ष 2014 की तुलना में मत्स्यपालन क्षेत्र में 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही देश की फूड प्रोसेसिंग क्षमता में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि- “देश का विकास तभी संभव है, जब सभी नागरिकों को समान अवसर मिलें। इसी सोच के तहत सरकार ने महिलाओं के लिए कई विशेष योजनाएं शुरू की हैं। अब तक 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। सरकार का लक्ष्य 3 करोड़ और महिलाओं को इससे जोड़ने का है। इनमें से 60 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ड्रोन दीदी योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे महिलाओं को तकनीक और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है।”