देवरिया। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ (Mahakumbh 2025)दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। 13 जनवरी से शुरु हुआ महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान यहां करीब 40 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन कुंभ के पहले दिन और पहले शाही स्नान का आंकड़ा कुछ और ही कह रहा है। पहले दिन करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई वहीं पहले शाही स्नान पर यह आंकड़ा साढ़े 3 करोड़ तक पहुंच गया। इतने लोगों का एक साथ एक जगह पर जमा होना अपने आप में रिकॉर्ड है।
सबसे बड़ी आबादी वाला शहर बना प्रयागराज
कुंभ के (Mahakumbh 2025)आयोजन को सुनियोजित तरीके से पूरा करने के लिए कुंभ क्षेत्र को जिला बनाया गया है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन प्रयागराज मेला क्षेत्र में देश और विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या की वजह से शाही स्नान वाले दिन प्रयागराज की जनसंख्या चार करोड़ से ज्यादा हो गई थी। यह संख्या विश्व में किसी भी शहर की जनसंख्या से सबसे ज्यादा है। साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालु और 4.20 लाख स्थानीय निवासियों की आबादी मिलाकर हुई यह जनसंख्या सर्वाधिक जनसंख्या वाले शहर टोक्यो से भी ज्यादा हो गई थी।
किस शहर की आबादी है सबसे ज्यादा?
अगर हम देश की बात करें तो देश में राजधानी दिल्ली की आबादी सबसे ज्यादा है। यहां 2.93 करोड़ यानी लगभग 3 करोड़ लोगों की आबादी रहती है। दिल्ली विश्व का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। वहीं विश्व की बात करें तो जापान का टोक्यो 3.74 करोड़ की आबादी के साथ सबसे ज्यादा आबादी वाला पहला शहर है। दूसरे नंबर पर दिल्ली, तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर शंघाई है, यहां की आबादी 2.63 करोड़ है। वहीं साओ पाउलो की जनसंख्या 2.18 करोड़ है यह चौथा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है और पांचवां सबसे बड़ी आबादी वाला शहर मैक्सिको है जिसकी आबादी 2.16 करोड़ है।
इन सबको पीछे करते हुए शाही स्नान के दिन प्रयागराज करीब 4 करोड़ की आबादी के साथ एक दिन के लिए सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया था।