देवरिया।भारत के रमेशबाबू प्रगनानंद ने चेस वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन गुरुवार को हुए फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनका विश्व चैंपियन बनने का सपना टूट गया। टाईब्रेकर में पहले गेम में प्रगनानंद को हार का सामना करना पड़ा और फिर गेम में वापसी करना मुश्किल होता चला गया। अगला गेम कार्लसन ने ड्रॉ कराया और मैच अपने नाम किया।FIDA चेस वर्ल्डकप का खिताब मैग्नस कार्लसन ने अपने नाम किया और प्रगनानंद दूसरे स्थान पर रहे। अमेरिका के फैबियानो कारुआना तीसरे और अजरबैजान के निजात अबासोव चौथे स्थान पर रहे।
क्लासिकल फॉर्मेट में मंगलवार को शुरू हुआ था फाइनल
चेस वर्ल्डकप के फाइनल का मुकाबला प्रगनानंद और मैग्नस कार्लसन के बीच मंगलवार को हुआ। पहला गेम क्लासिकल प्रारूप में खेला गया जिसमें प्रगनाननंदा सफेद और कार्लसन काले मोहरों के साथ खेल रहे थे। इस मैच में प्रगनानंद ने बेहतरीन तरीके से डिफेंसिव चाल चली और अपना गेम बचाने में सफल रहे। 35 चाल के बाद दोनों खिलाड़ियों ने हाथ मिलाए और मैच ड्रॉ घोषित हुआ।
बुधवार को हुआ क्लासिकलफॉर्मेट का दूसरा गेम
क्लासिकल प्रारूप में दूसरा मुकाबला बुधवार को खेला गया। कार्लसन सफेद मोहरों के साथ और और प्रगनानंदकाले मोहरों के साथ अपना गेम शुरू किया। शुरुआती मैच से ही लग रहा था यह मैच भी ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है। 1 घंटे तक चले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने 30 चालें चलीं और आखिर में मैच बराबरी पर रहा। दोनों ने ड्रॉ खेलने का फैसला किया। चेस वर्ल्डकप का फाइनल खेलन के बाद प्रगनानंद बॉबी फिशर और कार्लसन के बाद कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाले तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।