देवरिया। मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान पीएम कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने कहा- “जब सत्ता को विरासत बना दिया जाए तो लोकतंत्र खत्म हो जाता है। एक ही समय में संसद में एससी-एसटी वर्ग के एक ही परिवार के तीन सांसद हुए हैं क्या? पीएम मोदी का इशारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ था।
अभी तो यह हमारा तीसरा ही टर्म है: प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने कहा- “आदरणीय अध्यक्ष जी मैं बड़े विश्वास से कहता हूं, आने वाले समय में हमें और बड़े लक्ष्य पार करने हैं, और हम कर कर रहेंगे, और माननीय अध्यक्ष जी ये तो हमारी अभी तीसरी ही टर्म है। हम देश की आवश्यकता के अनुसार आधुनिक भारत बनाने के लिए, सक्षम भारत बनाने के लिए और विकसित भारत का संकल्प साकार करने के लिए आने वाले अनेक वर्षों तक हम जुटे रहने वाले हैं।”
कुछ लोगों की वाणी और व्यवहार में कितना फर्क होता है: PM
पीएम मोदी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि- “कुछ लोगों की वाणी और व्यवहार में कितना फर्क होता है, मेरे एक ही सवाल से पता चलता है। जमीन आसमान का अंतर है, रात-दिन का अंतर है। SC\ST वर्ग के एक ही परिवार के कभी 3 सांसद हुए क्या? हम एससी-एसटी समाज को कैसे सशक्त कर रहे हैं। हम जहर की राजनीति नहीं करते। समाज में तनाव पैदा किए बिना एकता की भावना को बरकरार रखते हुए समाज के वंचितों का कल्याण कैसे किया जाता है, इसका मैं उदाहरण देता हूं।
पीएम ने मेडिकल कॉलेज में बढ़ी SC, ST सीटों की बात की
प्रधानमंत्री ने कहा कि- “2014 से पहले हमारे देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी। आज 780 मेडिकल कॉलेज हैं। मेडिकल कॉलेज बढ़े हैं तो सीटें भी बढ़ी हैं। 2014 में हमारे देश में एससी छात्रों की एमबीबीएस की सीट 7,700 थी। दस साल हमने काम किया आज संख्या बढ़कर एससी समाज के 17,000 एमबीबीएस डॉक्टर की व्यवस्था की है, वो भी समाज में तनाव लाए बिना। 2014 के पहले एसटी छात्रों के लिए एमबीबीएस की सीटें 3,800 थी। आज ये संख्या बढ़कर लगभग 9,000 हो गई थी। 2014 से पहले ओबीसी के छात्रों के लिए 14 हजार से भी कम सीटें थीं। आज इनकी संख्या लगभग 32 हजार हो गई है।”
पीएम ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के द्वारा बार-बार जातिगत गणना पर बात किए जाने पर पीएम ने निशाना साधते हुए कहा कि- “जाति की बातें करना कुछ लोगों का फैशन बन गया है। पिछले 30 साल से सदन में आने वाले ओबीसी समाज के सांसद दलों के भेदभाव से ऊपर उठकर एक होकर मांग कर रहे थे कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया जाए। जिन लोगों को आज जातिवाद में मलाई दिखती है, उन लोगों को उस समय ओबीसी की याद नहीं आई। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया। हमारा निरंतर प्रयास है कि हर योजना का शत प्रतिशत लाभ हर लाभार्थी को मिले। लेकिन कुछ लोगों ने मॉडल ही ऐसा बनाया था कि कुछ ही लोगों को दो औरों को तड़पाओ और तुष्टिकरण की राजनीति करो।”
सोनिया गांधी पर भी बरसे प्रधानमंत्री
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर हुई टिप्पणी को लेकर भी प्रधानमंत्री कांग्रेस पर बरसे। उन्होंने कहा- “राष्ट्रपति जी के अभिभाषण के बाद एक महिला राष्ट्रपति का सम्मान न कर सके, लेकिन क्या क्या कह कर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। मैं राजनीतिक हताशा निराशा समझ सकता हूं लेकिन राष्ट्रपति के खिलाफ। क्या कारण है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत इस प्रकार की सोच को छोड़कर वीमेन लेड डेवलपमेंट के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहा है। अगर आधी आबादी को पूरा अवसर मिले तो वो देश और तेजी से आगे बढ़ सकता है।”