देवरिया। शनिवार को पीएम मोदी ने भूस्खलन प्रभावित इलाकों हवाई दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राहत और पुनर्वास की भी समीक्षा की। पीएम ने इस आपदा में घायल हुए लोगों से अस्पताल में जाकर मुलाकात भी की। आपको बता दें 30 जुलाई को केरल के वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन में अब तक 400 लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पताल में पीएम के पीड़ितों से मिलने के दौरान की तस्वीरें सामने आई हैं जो भावुक करने वाली हैं।


सभी से आत्मीयता से मिलते नजर आए पीएम
वायनाड दौरे की जो तस्वीरें सामने आई हैं वो बहुत ही भावुक कर देने वाली हैं। पीएम जब अस्पताल पहुंचे तो वहां बच्चे, बुढ़े और जवान सभी तरह के पीड़ित उन्हें मिले। बहुत से ऐसे छोटे बच्चे मिले जिन्होंने अपने परिवार के सभी सदस्यों को खो दिया है। पीएम ने किसी बच्चे को गले लगातर सांत्वना दी तो किसे के हाथ थामें नजर आए। पीड़ित भी पीएम मोदी को अपने पास पाकर खुद को रोने से रोक नहीं सके।


चूरलमाला में राहत कार्य में लगे अफसरों से की बात
पीएम वायनाड के चूरलमाला भी पहुंचे। ये वही जगह है जहां कुछ दिन पहले ही सेना ने 16 घंटे में ही पुल का निर्माण कर दिया था। यहां पर पीएम मोदी ने राहत कार्य में लगे सेना के जवानों और अफसरों से भी मुलाकात की और राहत कार्य की स्थिति का जायजा लिया। पीएम वहां बने बेली ब्रिज का भी दौरा किया।


दौरे के बाद की समीक्षा बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौरे के बाद वायनाड में चल रहे राहत कार्य पर समीक्षा बैठक की। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि- “इस बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को मिलकर इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की सहायता करनी है। आपदा में सैकड़ों परिवार के सपने उजड़ गए हैं। प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया है, जिसके मैंने वहां जाकर के देखा है। पीड़ित परिवार से भी मिला और उनकी पीड़ा की सुना है। दक्षिण से मैं लगातार संपर्क में रहा हूं। घटना के बाद पल-पल की जानकारी लेता रहा हूं। घटना में सैकड़ों परिवार के सपने उजड़ गए हैं। ऐसे संकट के समय जब हम साथ मिलकर के काम करते हैं तो कितना उत्तम परिणाम मिलता है। घटना के बाद हर कोई बिना रुके तुरंत ही आपदा प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने का प्रयास किया।


और भी दी जाएगी सहायता राशि: PM
पीएम ने पूरी सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि- “मैं विश्वास दिलाता हूं सभी पीड़ितों और उनके परिजनों को हम सब इस संकट में उनके साथ हैं। सरकार में नीति नियमों के तहत सहायता राशि दी गई है हम और भी राशि देने की कवायद करेंगे। बहुत ही उदारता पूर्वक सभी समस्याओं के समाधान के लिए केरल सरकार के साथ भारत सरकार खड़ी रहेगी। सरकार ने छोटे बच्चों और जिन्होंने अपनो को खोया है उनके लिए एक लंबे समय तक की योजना बनाने का निर्णय लिया है। 1979 में जब गुजरात के मोरबी में बारिश के बाद डैम नष्ट हुआ था और उसका सारा पानी शहर में घुस गया था, 2500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए थे। उस समय मैंने वॉलेंटियर के रूप में कार्य किया था और मैं ऐसी आपदा की परिस्थिति को भलीभांति जानता हूं। केंद्र सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी।हमारी ओर से पूरा सहयोग रहेगा।