देवरिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली रैपिड ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसे देशवासियों के नाम कर दिया है। रैपिड ट्रेन को प्रधानमंत्री ने साहिबाबाद से रवाना किया। पीएम ने बटन दबाकर आरआरटीएस कनेक्ट एप का भी शुभारंभ किया। इस एप से रैपिड रेल की समस्त जानकारी मिलेगी। PM ने मोबाइल से QR कोड स्कैन करके पहला टिकट खरीदा और साहिबाबाद से दुहाई स्टेशन तक का सफर तय किया। रैपिड ट्रेन को देश में ‘नमो भारत ट्रेन’ के नाम से जाना जाएगा। इस ट्रेन को पहली बार एक महिला पायलट ने चलाया। यह ट्रेन 21 अक्टूबर से आम जनता के लिए प्रारम्भ हो जाएगी।



पहले फेज में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरण कॉरिडोर में होगी शुरुआत

नमो भारत ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने वाली है। इतनी लंबी दूरी को वो बहुत ही कम समय में पूरा कर सकते हैं। बता दें, पहले फेज में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के 17 किमी लंबे प्राथमिक खंड को शुरू किया जाएगा। इस कॉरिडोर का 14 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में है और68 किमी हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है। रैपिड ट्रेन को दिल्ली मेट्रो की लाइनों से जोड़ा जाएगा। रैपिड ट्रेन अलवर, पानीपत औरमेरठ जैसे प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ेगी और यहां तक पहुंचे का सुगम साधन बनेगी।

रैपडिट ट्रेन में मिलने वाली सुविधाएं और किराया
रैपिड ट्रेन को लेकर NCRTC का दावा है कि भारत का पहला ऐसा ट्रेन सिस्टम होगा, जिसमें ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इस ट्रेन की टिकट यात्री मोबाइल ऐप और कार्ड के जरिए भी खरीद सकेंगे। मरीजों के लिए ट्रेन में एक अलग कोच की व्यवस्था है ताकि कम कीमत और कम समय में मरीज को इलाज मिल सके। अब मेरठ से भी गंभीर मरीजों को तुरंत दिल्ली में इलाज मिल सकेगा। साथ ही इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए अलग सीट तैयार की गई है। ट्रेन की सामान्य सीटों को भी आरामदायक बनाया गया है। इसमें लगी चेयर एडजेस्टेबल बनाई गई है। खड़े रहने वाले यात्रियों के लिए भी सुविधा दी गई है। साथ ही मोबाइल चार्जिंग और वाईफाई की सुविधा भी मिलेगी। डीपीआर के दिए गए अनुमान के हिसाब सेट्रेन में किराया करीब दो से तीन रुपये प्रति किमी होगा।




कौन-कौन से स्टेशन पर रुकेगी नमो भारत ट्रेन
इस कॉरिडोर के पहले फेज में रैपिड रेल साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी। इस रूट पर पांच स्टेशन होंगे। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो है शामिल हैं। इस कॉरिडोर का प्लान रैपिड एक्स प्रोजेक्ट के तहत किया गया है, जिसके मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की होगी। नमो भारत ट्रेन को दिल्ली मेट्रो की सात लाइनों से जोड़ा जाएगा। इसे मुनिरका, आईएनए और एरोसिटी से जोड़ा जाएगा। आरआरटीएस प्रोजेक्ट के मुताबिक पूरे कॉरिडोर के साथ 24 स्टेशन बनाए जाएंगे। एजेंसी का अनुमान है कि प्रोजेक्ट 2025 में पूरा हो जाएगा, तो रोज 8 लाख यात्री इससे सफर कर सकेंगे।