देवरिया। वरिष्ठ भोजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान दिए जाने के ऐलान के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन और लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की घोषणा की है। इन तीन नामों में पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव, पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह और हरित क्रांति के जनक एस. एम स्वामीनाथन शामिल हैं। इस प्रकार अब इस साल भारत सरकार कुल 5 लोगों को यह सम्मान देने जा रही है।

पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल में दिए 10 भारत रत्न सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से लेकर अब तक के अपने कार्यकाल में 10 लोगों को देश का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है। साल 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक पं. मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिया गया था। वहीं 2004 से 2014 तक जब यूपीए की सरकार में 10 सालों में केवल तीन लोगों को भारत रत्न प्रदान किया गया था। यूपीए सरकार ने 2008 में शास्त्रीय संगीत गायक पंडित भीमसेन जोशी, 2014 में पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और मशहूर रसायन विज्ञानी सीएन राव को यह सम्मान दिया था। उस वक्त मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे।

पहली बार एक साल में 5 लोगों को यह सम्मान

भारत रत्न देने की परंपरा सबसे पहले साल 1954 में उस समय के राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने शुरू की थी। तब से एक साल में ज्यादा से ज्यादा 3 लोगों को यह सम्मान दिए जाने की परंपर चली आ रही है। साल 2024 में ऐसा पहली बार होगा जब एक ही साल में 5 लोगों को यह सम्मान दिया जाएगा। इसके पीछे जो कारण बताया जा रहा है वह यह है कि पिछले साल 2023 में किसी भी शख्सियत को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया था। इस लिए इस बार एक साथ 5 लोगों के नाम का ऐलान किया गया है। हालांकी यह जिक्र नहीं किया गया है कि किसे किस वर्ष के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

लालकृष्ण आडवाणी-
लालकृष्ण आडवाणी देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने भाजपा की स्थापना से लेकर भारत में भाजपा की सरकार बनने तक कई बड़े पद संभालें हैं। 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्होंने उप-प्रधानमंत्री का पद संभाला था। 1998 से 2004 के बीच भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में आडवानी गृहमंत्री रह चुके हैं। 10वीं और 14वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका बखूबी निभाई है। इससे पहले भी उन्हें 2015 में भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

कर्पुरी ठाकुर-

लोकप्रियता के कारण कर्पूरी ठाकुर को जननायक कहा जाता है। उनका जन्म बिहार के समस्तीपुर में हुआ था। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए ठाकुर को उनके अथक प्रयासों के लिए जाना जाता है। उनकी छवि भ्रष्टाचार विरोधी नेता के रूप में थी।

चौधरी चरण सिंह-

चौधरी चरण सिंह देश के छठे प्रधानमंत्री थे। वे बड़े किसान नेता थे। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री भी रहे। उन्होंने किसानों के कल्याण और अधिकार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। वे छपरौली सीट से 6 बार विधायक रहे। वे लगातार 40 साल विधायक रहे।

पीवी नरसिम्हा राव-

पीवी नरसिम्हा राव देश के पूर्व प्रधानमंत्री थे। वे भारत के नौवें प्रधानमंत्री थे। उन्हें लाइसेंस राज की समाप्ति और भारतीय अर्थवस्था को मुश्किल वक्त में संभालने के लिए याद किया जाता था। वे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने आर्थिक सुधारों को लागू किया जिसकी सराहना हुई। उन्होंने भारतीय बाजार को विश्व के लिए खोल दिया था।

डॉक्टर एमएस स्वामीनाथन-

डॉक्टर एमएस स्वामीनाथन हरित क्रांति के जनक हैं। कृषि क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत रत्न सम्मान के लिए चुना गया है।