देवरिया। गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में नागरिक अलंकरण समारोह के दौरान पद्म पुरस्कारों का वितरण किया। पद्म पुरस्कार 2024 की घोषणा 25 जनवरी 2024 को गई थी। हर साल पद्म पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, चिकित्सा, साहित्य तथा शिक्षा, खेल, सिविल सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया है।

कला के क्षेत्र में पद्म विभूषण
कला के क्षेत्र में योगदान के लिए अभिनेत्री वैजयंतीमाला बाली और अभिनेता कोनिडेला चिरंजीवी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

इन हस्तियों को मिला पद्मभूषण सम्मान
• साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में कुंदन रमणलाल व्यास को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वे पिछले पांच दशक से मीडिया समूह जन्मभूमि का संचालन कर रहे हैं।
• भारत में एंजियोग्राफी की शुरुआत करने वाले डॉक्टर अश्विन बालचंद मेहता को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
• पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ राजनेता सत्यब्रत मुखर्जी को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनके बेटे ने यह सम्मान प्राप्त किया।
• प्रसिद्द तमिल अभिनेता एवं “कैप्टन विजयकांत” को मरणोपरांत पद्म भूषण दिया गया। उनकी पत्नी ने सम्मान स्वीकार किया।
• डॉ. वेलु आनंदाचारी को कला के क्षेत्र में पद्म श्री प्रदान किया यह तेलंगाना से कुशल स्थपति मूर्तिकार – पारंपरिक मंदिर स्थापत्य मे महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं।
• केरल के वरिष्ठ राजनेता ओ.राजगोपाल और लद्दाख के आध्यात्मिक बौद्ध गुरु तोगदान रिनपोछे को मरणोपरांत पद्म भूषण प्रदान किया गया।
• गुजराती समाचार पत्र ‘द बॉम्बे समाचार’ के संचालक एवं वरिष्ठ प्रकाशक होर्मुसजी एन.कामा को शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
• सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश एम. फातिमा बीवी को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उनकी बहन ने स्वीकार किया।

विभिन्न क्षेत्रों में दिया गया पद्मश्री सम्मान
• राष्ट्रपति ने कृषि के क्षेत्र में अंडमान और निकोबार की महिला किसान के. चेल्लाम्मल और सत्यनारायण बेलेरी को पद्मश्री से सम्मानित किया।
• खेल के क्षेत्र में जोशना चिनप्पा पद्मश्री से सम्मानित किए गए।
• संगीत जगत में हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक सोम दत्त बट्टू और कला के क्षेत्र में जॉर्डन लेप्चा को पद्मश्री से सम्मानित किया।
• श्री संजय अनंत पाटिल को कृषि के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। यह बंजर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे गोवा के किसान हैं व जीवामृत और शून्य ऊर्जा सूक्ष्म सिंचाई से विभिन्न फसलें उगा रहे हैं।
• साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में भगवतीलाल राजपुरोहित को पद्मश्री दिया गया। भगवतीलाल उज्जैन के मालवी भाषा के प्रसिद्ध लेखक एवं प्रतिष्ठित विद्वान हैं।
• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. के.एस. राजन्ना को समाज सेवा के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया।
• भारतीय लेखिका एवं विदुषी गौरी लक्ष्मी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने मंदिर वास्तुकला, त्रावणकोर की विरासत और श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर पर कई पुस्तकें लिखी हैं।
• कला के क्षेत्र में श्री नेपाल चन्द्र सूत्रधार (मरणोपरांत) को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया इन्होंने छऊ नृत्य के पारंपरिक रूप और छऊ मुखौटा बनाने के अनूठे तरीके की पुरुलिया की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और बढ़ावा दिया था।
• व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में शशि सोनी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
• देश की शिक्षा नीति के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं प्रशासक श्रीधर मकाम को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
• मंगन (सिक्किम) के सुविख्यात बांस शिल्पकार व लेप्चा पारंपरिक टोपी के लिए प्रसिद्ध श्री जॉर्डन लेप्चा को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
• अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में पदक विजेता जोशना चिनप्पा को पद्मश्री से सम्मानित किया।
• प्रतिष्ठित गुजराती लेखक रघुवीर चौधरी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
• बिहार के अभिनव टिकुली लोक चित्रकार अशोक कुमार को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पांच दशक से इस क्षेत्र में सक्रिय अशोक कुमार ने आठ हजार महिलाओं को इस विधा में प्रशिक्षित किया है।
• राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्रांस की 101 वर्षीय योग विशेषज्ञ सुश्री चार्लोट चोपिन को योग के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया। इन्होंने 50 वर्ष की आयु के बाद योग सीखकर आयु सीमा की बाधाओं को तोड़ते हुए योग प्रशिक्षण प्राप्त किया।
• ग्वालियर, पटियाला और श्याम चौरसिया घरानों के सुप्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक सोम दत्त बट्टु को कला के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
• श्रीमती के. चेल्लाम्मल को कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया। यह जैविक किसान, नारियल अम्मा के नाम से मशहूर हैं।
• रायगढ़ घराने के 87 वर्षीय दिग्ग ज कत्थक कलाकार रामलाल बरेठ को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ निवासी रामलाल बरेठ रायगढ़ कत्थक शैली में योगदान के लिए जाने जाते हैं।
• श्रीमती स्मृति रेखा चकमा को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया।
• श्री सत्यनारायण बेलेरी को कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया। यह कासरगोड के चावल किसान – चावल की 650 से अधिक किस्मों को विलुप्त होने से बचाने के लिए जाने जाते हैं।
