देवरिया। 25वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर पीएम मोदी लद्दाख के द्रास पहुंचे थे, यहां पर उन्होंने युद्ध स्मारक पर कारगिल जंग के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन करगिल के शहीदों को याद किया और शहीदों की माताओं, पत्नियों और उनके परिजनों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि- “आज लद्दाख की ये महान धरती कारगिल विजय के 25 वर्ष पूरे होने की साक्षी बन रही है। कारगिल विजय दिवस हमें बताता है कि राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान अमर होते हैं। दिन, महीने, वर्ष सदियां गुजरते हैं, सर्दियां भी गुजरती हैं, मौसम भी बदलते हैं लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वालों के नाम अमिट रहते हैं।”
पाकिस्तान पर जमकर बरसे पीएम मोदी
इस मौके पर पीएम मोदी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को जमकर खरी खोटी सुनाई उन्होंने कहा कि- “कारगिल में हमने केवल युद्ध नहीं जीता था, हमने सत्य, संयम और सामर्थ्य का अद्भुत परिचय दिया था। आप जानते हैं कि भारत उस समय शांति के लिए प्रयास कर रहा था। बदले में पाकिस्तान ने फिर एक बार अपना अविश्वासी चेहरा दिखाया। लेकिन सत्य के सामने असत्य और आतंक की हार हुई। साथियों पाकिस्तान ने अतीत में जितने भी दुष्प्रयास किए उसे मुंह की खानी पड़ी। हालांकि, पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा है, वो आतंकवाद के सहारे प्रॉक्सी वॉर के सहारे अपने आपको प्रासंगिक बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। लेकिन आज जब मैं उस जगह से बोल रहा हूं जहां आतंक के आकाओं को ये आवाज सीधे सुनाई पड़ रही है। मैं आतंकवाद के इन सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे”।
करगिल युद्द के समय सैनिकों के बीच गए थे पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि- “ये देश हमारी सेना के पराक्रमी नायकों का सदा सर्वदा कृतज्ञ है। मेरा सौभाग्य है कि कारगिल युद्ध के समय मैं सामान्य देशवासी के रूप में अपने सैनिकों के बीच था। आज जब मैं फिर कारगिल की धरती पर हूं तो स्वाभाविक हैं स्मृतियां मेरे मन में ताजा हो गईं। मुझे याद है कि किस तरह हमारी सेना इतनी ऊंचाई पर, इतने कठिन युद्ध ऑपरेशन को अंजाम दिया था। मैं देश को विजय दिलाने वाले ऐसे सभी शूरवीरों को नमन करता हूं। शहीदों को नमन करता हूं जिन्होंने कारगिल में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।”
पीएम मोदी बोले- दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे जांबाज पूरी ताकत से दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। लद्दाख हो या फिर जम्मू-कश्मीर विकास के सामने आ रही हर चुनौती को भारत परास्त करके ही रहेगा। कुछ ही दिन बाद इस 5 अगस्त को आर्टिकल 370 का अंत हुए 5 साल पूरे होने जा रहा है। कश्मीर आज नए भविष्य की बात कर रहा है, बड़े सपनों की बात कर रहा है। जम्मू-कश्मीर की पहचान जी-20 जैसी ग्लोबल समिट की अहम बैठक करने के लिए हो रही है। इंफ्रा विकास के साथ-साथ कश्मीर और लेह लद्दाख में पर्यटन सेक्टर भी तेजी से विकास कर रहा है। दशकों बाद कश्मीर में सिनेमाघर खुला है। साढ़े तीन दशक के बाद पहली बार श्रीनगर में ताजिया निकला है। धरती का हमारा स्वर्ग तेजी से शांति और सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज लद्दाख में भी विकास की नई धारा बन रही है। सिंकुन ला टनल के निर्माण का काम पूरा हुआ है, इसके जरिए लद्धख पूरे साल हर मौसम में देश से कनेक्टेड रहेगा। ये टनल लद्दाख के विकास के लिए नई संभावनाओं का नया रास्ता खोलेगा।
डिफेंस रिफॉर्म को प्राथमिकता बनाया- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 13 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल का काम भी जारी है, इसके बनने से नेशनल हाइवे नंबर 1 पर ऑल वेदर कनेक्टिविटी भी बढ़ जाएगी। हमने सीमाई इलाके में विकास में असधारण लक्ष्य तय किए हैं। सीमा सड़क संगठन ने ऐसे लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अभूतपूर्व गति से काम किया है। बीआरओ ने पिछले 3 सालों में 300 से ज्यादा इंफ्रा प्रोजोक्ट पूरे कि हैं, लद्दाख के विकास कार्य से लेकर पूर्वोत्तर में टनल तक के काम शामिल हैं। आज की वैश्विक परिस्थितियां पहले से अलग हैं, इसलिए हमारे सेना हथियारों और उपकरणों के साथ साथ कार्यकशैली और व्यवस्थाओं में भी आधुनिक होना चाहिए। इसलिए देश दशकों से डिफेंस सेक्टर में बड़े रिफॉर्म की जरूरत थी, सेना भी ऐसी मांग कर रही थी लेकिन दुर्भाग्य से पहले इसे उतना महत्व नहीं दिया गया। बीते 10 सालों में हमने डिफेंस रिफॉर्म को रक्षा क्षेत्र की पहली प्राथमिकता बनाया। इन रिफॉर्म के कारण आज हमारी सेनाएं ज्यादा सक्षम हुई हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि- “डिफेंस में रिसर्च डिवलेपमेंट का 25 फीसदी प्राइवेट सेक्टर के लिए रखा गया है। भारत का डिफेंस प्रोडक्शन अब सवा लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है। कभी भारत की पहचान हथियार मंगाने वालों में होता था। हमारी सेनाएं 5 हजार से ज्यादा हथियारों और सैन्य उपकरणों की लिस्ट बनाकर ये तय किया है कि अब ये 5 हजार आइटम बाहर से नहीं मंगवाए जाएंगे। इसके लिए सेना नेतृत्व को बधाई देता हूं। डिफेंस सेक्टर में रिफॉर्म के लिए भी भारत की आर्म्स फोर्सेस की सराहना करना चाहता हूं, हमारी सेनाओं ने बीते वर्षों में कई साहसिक निर्णय लिए हैं। सेना की ओर से साहसिक निर्णय का कारण अग्निपथ स्कीम भी है। भारत के सैनिकों की औसत आयु ग्लोबल एवरेज से ज्यादा होना ये हम सबकी चिंता बढ़ाता रहा है। इसलिए ये विषय वर्षों तक अनेक कमेटियों में भी उठा है लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़ी इस चुनौती के समाधान की पहले इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।”
अग्निपथ योजना को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम
पीएम मोदी ने कहा कि- “सच्चाई ये है कि अग्निपथ योजना से देश का सामर्थ्य बढ़ेगा, देश का सामर्थ्यवान युवा भी मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएगा। अग्निवीरों को प्राथमिकाताएं के लिए प्राइवेट सेक्टर भी सामने आया है। कुछ लोगों की सोच को क्या हुआ है, ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि सरकार पेंशन के पैसे बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है। जरा कोई मुझे बताए आज मोदी के शासनकाल में जो भर्ती होगा क्या आज ही उनको पेंशन देना है। उनको पेंशन देना है तो 30 साल बाद आएगी। मोदी उस समय 105 साल का होगा उसके लिए मोदी आज गाली खाएगा। क्या तर्क दे रहे हैं।”
“हमारे लिए 140 करोड़ लोगों की शांति सबसे पहले”
पीएम मोदी ने कहा कि- “मेरे लिए दल नहीं देश सर्वोपरि है। हमारे लिए राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है, हमारे लिए 140 करोड़ की शांति सबसे पहले है। साथियों जो लोग देश के युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, उनका इतिहास साक्षी है कि उन्हें सैनिकों की कोई परवाह नहीं। ये वही लोग हैं जिन्होंने एक मामूली रकम 500 करोड़ रुपये दिखा-दिखाकर वन रैंक वन पेंशन का झूठ बोला, ये हमारी सरकार है जिनसे वन रैंक वन पेंशन लागू किया। पूर्व सैनिकों को सवा लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दिए गए। कहां 500 करोड़ और कहां सवा लाख करोड़। देश के जवानों की आंख में धूल झोंकने का पाप इन्होंने किया। ये वही लोग हैं जिन्होंने आजादी के 7 दशक बाद भी सेना की मांग होने के बावजूद देश के वीर सैनिकों की परिवारों की मांग होने के बावजूद हमारे शहीदों के लिए वॉर मेमोरियल नहीं बनाया।”
पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि- “ये वही लोग हैं जो कारगिल विजय दिवस को भी नजरअंदाज करते रहे। कारगिल की विजय किसी दल का विजय नहीं था, ये विजय देश की थी। ये विजय देश की विरासत है। ये देश के स्वाभिमान का पर्व है, मैं एक बार फिर 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से मेरे वीर जवानों को श्रद्धा पूर्वक नमन करता हूं। सभी देशवासियों को पुनः एक बार कारगिल विजय के 25 वर्ष की शुभकामनाएं देता हूं।”