देवरिया।उत्तर प्रदेश सरकार, अयोध्या को प्रदेश के एक मुख्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार की तरफ से ऐसी योजनाएं लाई जा रही हैं, जिनसे अयोध्या एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो। इसी कड़ी में सरकार ने सरयू नदी में क्रूज चलाए जाने का फैसला किया है। इस क्रूज का नाम भी राम भक्त गिद्धराज जटायु के नाम पर रखा गया है। इस योजना के लिए नव निर्मित क्रूज अयोध्या पहुंच गया। इसे नयाघाट से गुप्तारघाट तक चलाया जाएगा।
जानिए जटायू क्रूज की विशेषताएं
इस क्रूज का निर्माण दुबई की कंपनी ने किया है। इस क्रूज में 100 सीटों की व्यवस्था है, जिनमें से 70 सीटें एयर कंडिशंड हैं। वहीं30 सीटों को खुली छत पर लगाया गया है जहां से लोग सरयू नदी के घाटों का सुंदर दृश्य देख पाएंगे। क्रूज का किराया अभी निर्धारित नहीं किया गया है। किराए के लिए मध्यम आय वर्ग के पर्यटकों को भी ध्यान में रखकर प्रस्ताव रखा गया है। अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है। क्रूज के लिए अयोध्या क्रूज लाइन कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए कंपनी का नगर निगम से अनुबंध भी हुआ है।
चौधरी चरण सिंह घाट पर तैयार हो रहा क्रूज
जटायू क्रूज 28 अगस्त को अयोध्या लाया गया, जहां पर इसे चौधरी चरण सिंह घाट पर रखा गया है। पर्यटकों के लिए जल्द से जल्द संचालन शुरू करने के लिए इसे घाट पर ही इंस्टॉल किया जा रहा है। एक-दो दिन में जटायु क्रूज भक्तों को सरयू विहार कराने के लिए तैयार हो जाएगा। कोलकाता की अलकनंदा क्रूज द्वारा भी गुप्तारघाट पर रामायण क्रूज का निर्माण कराया जा रहा है। इसका संचालन भी दीपोत्सव से शुरू होने की उम्मीद है।
रामायण के जटायू प्रसंग को किया गया है प्रदर्शित
जटायू क्रूज पर रामायण के प्रसंग को चित्रित किया गया है। मुख्य रूप से सीताहरण का प्रसंग प्रदर्शित किया गया है। जिसमें रावण द्वारा सीता माता का हरण करने पर जटायू रावण से युद्ध करता है और घायल होकर जमीन पर गिर जाता है । अयोध्या क्रूज लाइन, जिससे जटायू क्रूज का अनुबंद किया गया है। दो और क्रूज जिनका नाम कनकमहल व पुष्पक विमान होगा का भी संचालन करने की योजना बना चुकी है। इन दो नए क्रूज का संचालन नए साल 2024 से शुरू हो सकता है। फिलहाल अयोध्या घूमने आने वाले भक्तों को जटायू क्रूज सरयू नदी में रोमांचक अनुभव दिलाएगा।