देवरिया। विश्वभर में अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए दिए जाने वाले नोबेल पुरस्कारों की घोषणा हो रही है। इसी क्रम में 6 अक्टूबर को नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हुई। इस बार का नोबेल शांति पुरस्कार ईरान की महिला पत्रकार और एक्टिविस्ट नरगिस मोहम्मदी को दिया गया। नरगिस मोहम्मदी ने ईरानी महिलाओं की आजादी और उनके हक के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ लंबे समय तक लड़ाई लड़ी, जिसके चलते उन्हें भी कई तरह की प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ा था। नरगिस 19वीं महिला हैं जिन्हें नोबेल का शांति पुरस्कार दिया जा रहा है।
जानिए कौन हैं नरगिस मोहम्मदी
नोबेल प्राइज की वेबसाइट पर नरगिस मोहम्मदी के बारे में दी गई जानकारी के मुताबिक, नरगिस मोहम्मदी का जन्म ईरान के जंजन में 1972 में हुआ है। अभी नरगिस, मानवाधिकार कार्यकर्ता और डिफेंडर ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर की उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और काफी समय तक एक इंजीनियर के तौर पर भी काम किया है। बाद में उन्होंने कई ईरानी अखबारों के लिए कॉलम लिखने का भी काम किया। अखबारों में लिखे अपने कॉलम के जरिए ही उन्होंने ईरान में महिलाओं की स्थिति को सुधारने की शुरुआत की थी।
अभी भी जेल में बंद हैं नरगिस
ईरान में महिलाओं के लिए आवाज उठाना आसान नहीं है। नरगिस इस काम में वर्ष 1990 से लगी हुई हैं। इसके लिए उन्हें कई बार बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वो 8 सालों से अपने बच्चों से ना मिली हैं ना उन्हें देखा है। इस संघर्षपूर्ण लड़ाई की वजह से उन्हें 13 बार गिरफ्तार भी किया जा चुका है। नरगिस अभी भी जेल में बंद हैं। उन्हें 31 साल की जेल और 154 कोड़ों की सजा सुनाई गई है। नरगिस के पति तागी भी एक पॉलिटिकल एक्टिविस्ट हैं। इन्हें भी ईरान की सरकार ने 14 साल जेल की सजा दी थी।
