देवरिया। महाराष्ट्र के जिले अहमदनगर के नाम बदलने की कवायद जो काफी दिनों से चल रही थी, आखिर वह पूरी हो ही गई। बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट की बैठक में अहमदनगर को ‘अहिल्यानागर’ करने की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं महाराष्ट्र कैबिनेट ने मुंबई के 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का भी फैसला किया है। कैबिनेट की बैठक में ब्रिटीशकाल में दिए गए नाम और मुगल बादशाहों के द्वारा दिए गए नामों को बदलने का फैसला किया गया है।
2 साल से हो रही थी नाम बदलने की मांग
आपको बता दें कि अहमदनगर का नाम बदलने की मांग हाल फिलहाल की नहीं है, बल्की 2022 से ही इसकी डिमांड है। यह मांग सबसे पहले उस समय के भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने की थी। उन्होंने तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर जिले का नाम बदलकर “अहिल्यानगर” करने की मांग की थी। उन्होंने पत्र में कहा था कि अहमदनगर रानी अहिल्यादेवी होलकर का जन्म स्थान है। इसलिए अहमदनगर शहर का नाम बदलकर अहिल्यानगर करना रानी अहिल्या देवी होलकर का सम्मान करने जैसा है। पडलकर ने अपने पत्र के माध्यम से कहा कि-“यह सिर्फ उनकी मांग नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावना है कि अहमदनगर का नाम अहिल्यानगर हो। जब मुगल सैनिक हिंदू मंदिर गिरा रहे थे, तब अहिल्यादेवी होलकर ने उनका पुनर्निर्माण कराकर हिंदू संस्कृति को बचाया था। इसलिए वह हर हिंदू के लिए आदर्श हैं।”
शिंदे सरकार ने पहले भी बदले हैं नाम
गौरतलब है कि महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही राज्य के और भी मुगलकालीन शहरों के नाम में बदलाव किए हैं। उन्होंने औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव कर दिया था।
