देवरिया। बांदा जेल में बंद गैंगस्टर और नेता मुख्तार अंसारी की मौत हो गई। गुरुवार देर रात मुख्तार अंसारी को जेल में ही हार्ट अटैक आ गया। सूचना मिलते ही उसे बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था, जहां तुरंत इलाज उपलब्ध कराया गया लेकिन उपचार के दौरान ही मुख्तार अंसारी ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को ही मोहम्मद अंसारी को गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में काली बाग के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा

एम्स दिल्ली के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की मांग

वहीं मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने बांदा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एम्स दिल्ली के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। लेकिन पोस्टमार्टम बांदा मेडिकल कॉलेज में कराया गया और पूरी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। बेटे ने पिता की हत्या की न्यायिक जांच कराए जाने की भी मांग की है। मुख्तार अंसारी का अंतिम संस्कार उसके पैतृक घर मुहम्मदाबाद में किया गया। मुख्तार की कब्र उनके माता पिता की कब्र के पास बनाई गई है।

उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई

पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लगा दी गई है। इसके साथ ही बांदा, मऊ, ग़ाज़ीपुर समेत कई ज़िलों में सुरक्षा बढ़ाई गई। प्रयागराज, फ़िरोज़ाबाद समेत कई शहरों में पुलिस ने फ़्लैग मार्च भी किया। जुमे की नमाज को देखते हुए पुलिस ने हर मस्जिद के पास बल तैनात किया था। एडीजे लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने कहा, ‘आज ‘जुम्मे की नमाज’ और कल बांदा जेल में हुई घटना को देखते हुए पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट कर दिया गया है। कई जिलों में अतिरिक्त बल भेजे गए हैं। सभी को शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। पूरे राज्य में शांति है। कुछ जगहों पर अभी भी नमाज चल रही है, इसलिए सतर्कता बरती जा रही है। कहीं कोई समस्या नहीं है।

स्लो पॉइजन दिए जान की जताई थी आशंका

दो दिन पहले मुख्तार अंसारी के बीमार होने के बाद परिवार की वकीलों से बात हुई थी। कुछ दिन पहले मुख्तार ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी जिसमें उसने खुद को जेल में स्लो पॉइजन दिए जाने की शिकायत की थी। वहीं मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने भी मुख्तार को खाने में जहर दिए जाने का आरोप लगाया है, और बेटे उमर अंसारी ने कहा कि मुलाकात करने वालों की लिस्ट में चाचा अफजाल का नाम होने के बाद भी उनको पिता से नहीं मिलने दिया गया। इधर परिवार के द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट से अर्जेंसी के आधार पर अब्बास अंसारी की पैरोल पर रिहाई के लिए सुनवाई की मांग किए जाने की भी बात सामने आ रही है।

2 दिन पहले ही छोड़ दिया था खाना-पिना

दो दिन पहले भी मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ी थी जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वहां से आने के बाद मुख्तार नाम मात्र का खाना खा रह था। बुधवार तक कुछ फल ही खाए थे। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार दोपहर से उसकी तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी थी। सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंच कर उसकी सेहत की जांच की थी। इसके बाद बांदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक मुख्तारी की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई।