PM addressing the media ahead of first session of the 18th Lok Sabha, in New Delhi on June 24, 2024.

देवरिया। सोमवार को 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत हुई। पहला सत्र तीन जुलाई तक चलने वाला है, इस सत्र की शुरुआत के दो दिन नए सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। इस सत्र में बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा और गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। नई सरकार बनने के बाद संसद में जैसे ही पीएम मोदी ने प्रवेश किया एनडीए के सांसदों उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और नारे भी लगाए। विपक्ष ने अपनी रणनीति के तहत प्रोटेम स्पीकर और नीट परीक्षा गड़बड़ी मामलों में पहले दिन ही जमकर हंगामा किया।

27 जून को होगा राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन

राष्ट्रपति मुर्मू बृहस्पतिवार 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इस दौरान वह नई सरकार की पांच साल की योजनाओं और प्राथमिकताओं को सामने रखेंगी। 28 जून और 1 जुलाई को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा होगी। 2 जुलाई को लोकसभा और 3 जुलाई को राज्यसभा में प्रधानमंत्री चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद दोनों सदन संक्षिप्त अवधि के लिए स्थगित किए जाएंगे। 22 जुलाई से फिर सत्र आरंभ होगा, जिसमें केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।


विपक्ष ने संविधान की प्रति लेकर किया विरोध प्रदर्शन
प्रोटेम स्पीकर को लेकर इंडी गठबंधन के नेताओं ने संसद परिसर में संविधान की प्रति लेकर विरोध प्रदर्शन किया। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा- “हम इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया है। जिस तरह से प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की गई है, वह संविधान के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।” प्रोटेम स्पीकर के रूप में सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब की नियुक्ति की गई जिसपर कांग्रेस का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर इस पद के लिए उसके सांसद के सुरेश प्रबल दावेदार हैं। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि वर्तमान लोकसभा में बिना हारे लगातार सबसे लंबे समय तक सांसद रहने के मामले में महताब सबसे वरिष्ठ हैं।


पीएम ने अपने संबोधन में इमरजेंसी का किया जिक्र
इमरजेंसी को याद करते हुए पीएम ने कहा- “कल 25 जून है। 25 जून को भारत के लोकतंत्र पर लगे उस कलंक को 50 साल हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह से नकार दिया गया था। संविधान के हर हिस्से की धज्जियां उड़ा दी गई थीं, देश को जेलखाना बना दिया गया था। लोकतंत्र को पूरी तरह से दबा दिया गया था। अपने संविधान की रक्षा करते हुए, भारत के लोकतंत्र की, लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए, देशवासी संकल्प लेंगे कि भारत में दोबारा कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके जो 50 साल पहले किया गया था। हम एक जीवंत लोकतंत्र का संकल्प लेंगे। हम भारत के संविधान के निर्देशों के अनुसार सामान्य मानवी के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेंगे।”


जनता विपक्ष से संसद की गरिमा बनाए रखने की उम्मीद करती है: PM
पीएम मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले के अपने संबोधन में कहा कि देश की जनता विपक्ष से संसद की गरिमा बनाए रखने की उम्मीद करती है ना कि ‘नखरे, ड्रामा, नारेबाजी और व्यवधान’ की। उन्होंने कहा कि देश को एक अच्छे और जिम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता है। 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने सभी नवनिर्वाचित सांसदों से इस सत्र का उपयोग जनहित में करने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा, ‘‘सभी सांसदों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं। मैं सभी सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे जनहित के लिए इस अवसर का उपयोग करें और जनहित में हर संभव कदम उठाएं


लोग ठोस काम चाहते हैं, नारेबाजी नहीं चाहते: PM
पीएम मोदी ने कहा कि- “ देश की जनता विपक्ष से अच्छे कदमों की अपेक्षा रखती है। अब तक जो निराशा मिली है। इस 18वीं लोकसभा में देश का सामान्य नागरिक विपक्ष से अपेक्षा करता है कि वह जिम्मेवार विपक्ष के नाते अपनी भूमिका का निर्वाह करे, लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने की देश उनसे अपेक्षा करता है। मैं आशा करता हूं कि विपक्ष उसमें खरा उतरेगा।आम जन अपेक्षा करता है कि सदन में बहस हो। लोगों को यह अपेक्षा नहीं है कि नखरे होते रहे, ड्रामा होते रहे, व्यवधान होता रहे। लोग ठोस काम चाहते हैं, नारेबाजी नहीं चाहते।”


देश को एक अच्छे विपक्ष की आवश्यकता: PM
पीएम मोदी ने आगे कहा- “देश को एक अच्छे विपक्ष की आवश्यकता है। जिम्मेवार विपक्ष की आवश्यकता है और मुझे पक्का विश्वास है कि इस 18वीं लोकसभा में हमारे जो सांसद जीत कर आए हैं वह सामान्य जन की अपेक्षाओं को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे। वहीं विकसित भारत के हमारे संकल्प को पूरा करने के लिए हम सब का दायित्व है कि हम मिलकर के उस दायित्व को निभाएं और जनता का विश्वास और मजबूत करें।”