देवरिया। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की ज्योति याराजी ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल कर लिया है। ज्योति याराजी ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ इवेंट में रेस को 13।09 सेकेंड में पूरा करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। जापान की मौसमी ओकी इस रेस में दूसरे स्थान पर रहीं, उन्होंने 13।12 सेकेंड में रेस पूरी की। इस जीत के साथ ही ज्योति ने अपना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है और देश की सबसे तेज महिला हर्डलर बन गई हैं।
पिता सिक्योरिटी गार्ड और मां है हाउस हेल्पर
ज्योति याराजी एक बहुत ही साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत सी कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। ज्योति का जन्म 28 अगस्त 1999 को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हुआ था। उनके पिता का सूर्यनारायण एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करते हैं और मां कुमारी हाउस हेल्पर हैं साथ ही एक अस्पताल में क्लीनर का भी काम करती हैं। कठिन आर्थिक स्थिति का सामना करते हुए भी ज्योति ने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और आज देश के साथ-साथ अपने मां-बाप का नाम भी रोशन किया है। हाई स्कूल में पढ़ाई के दौरान उनके फिजिकल एजुकेशन टीचर ने उन्हें हर्डलर बनने के लिए प्रोत्साहित किया था और ट्रेनिंग भी दी थी, उसके बाद से ज्योति ने जीवन की सभी बाधाओं को पार किया और आज देश के लिए गोल्ड लाने वाली पहली महिला हर्डलर बन गई हैं।
वह विराज के पोर्ट हाई स्कूल कृष्णा में पढ़ती थीं, जब उनके फिजिकल एजुकेशन टीचर ने ज्योति के टैलेंट को पहचाना और महसूस किया कि वह एक हर्डलर बन सकती हैं। उनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई, माता पिता ने भी ज्योति का साथ दिया। हालांकि ज्योति ने पढ़ाई भी जारी रखी और आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय से बीए इतिहास की पढ़ाई की।
चैंपियनशिप का दूसरा दिन भारत के लिए काफी अच्छा रहा जिसमें भारतीय एथलीटों ने 3 गोल्ड मेडल के अलावा एक कांस्य पदक भी अपने नाम किया। अजय कुमार सरोज ने 1500 मीटर पुरुष दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। अजय कुमार सरोज ने 3।41।51 सेकेंड में रेस पूरा किया। इस रेस में जापान के युशुकी ताकासी दूसरे स्थान पर रहे।