देवरिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने महाकुंभ की अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें (satellite images of kumbh) जारी की। तस्वीरें सैटेलाइट से ली गई हैं जिसमें संगम तट पर कुंभ के पहले और बाद की तस्वीरों को दिखाया गया है। दोनों ही तस्वीरों में दिखने वाला अंतर साफ नजर आ रहा है। तस्वीरों (satellite images of kumbh) में तट पर कुंभ स्नान से पहले और स्नान के वक्त की तस्वीरें भी दिखाई गई है।

भारत के आकार का शिवालय पार्क भी दिखा
इसरो द्वारा जारी की गई तस्वीरों (satellite images of kumbh)में प्रयागराज का शिवालय पार्क साफ दिखाई दे रहा है। यह पार्क भारत के नक्शे के आकार का बनाया गया है। यहां भारत के सभी प्रमुख शिव मंदिरों की प्रतिकृति बनाई गई है। इस पार्क में भारत के सभी प्रमुख शिवालयों के दर्शन किए जा सकते हैं। इस पार्क का निर्माण 14 करोड़ की लागत से करीब 11 एकड़ जमीन पर किया गया है। इसरो की तस्वीरों में इस पार्क का भारत के नक्शे के आकार में बना होना साफ दिखाई दे रहा है। (satellite images of kumbh) पहली तस्वीर कुंभ के पहले की है जिसमें पार्क के आस-पास की जमीन बिल्कुल खाली है जबकी दूसरी तस्वीर जो 10 जनवरी 2025 की है उसमें पार्क के आस-पास का इलाका पूरी तरह से टेंट से भरा हुआ नजर आ रहा है।

भारतीय उपग्रहों से ली गई तस्वीरें
इसरो ने यह तस्वीरें भारतीय उपग्रहों से ली है। तस्वीर में पूरा मेला क्षेत्र एक तस्वीर में देखा जा सकता है। इसरो से मिली जानकारी के अनुसार ये तस्वीरें हैदराबाद के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) ने ली है। तस्वीरों को लेने के लिए ऑप्टिकल उपग्रहों और दिन-रात देखने वाले रडारसैट का इस्तेमाल किया गया है। तस्वीरों में टेंट सिटी और नदी पर बने पांटून पुल भी स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।

मेले की व्यवस्था बनाने में मदद करेंगी तस्वीरें
इसरो द्वारा जारी तस्वीरें (satellite images of kumbh)उत्तर प्रदेश प्रशासन के द्वारा मेला क्षेत्र की व्यवस्था बनाए रखने में मददगार साबित हो रही है। प्रशासन इन तस्वीरों का इस्तेमाल मेले में किसी प्रकार की आपद या भगदड़ की स्थिति को रोकने के लिए कर सकता है। इसरो द्वारा जारी तस्वीरों में पहली तस्वीर कुंभ शुरु होने से पहले 6 अप्रैल, 2024 की है, दूसरी तस्वीर 22 दिसंबर, 2024 की है, जब कुंभ की तैयारियों के लिए की तरह के निर्माण कार्य जारी थे। तीसरी तस्वीर कुंभ शुरु होने से ठीक पहले यानी 10 जनवरी, 2025 की है। तीनों तस्वीरों में बढ़ती भीड़ और निर्माण कार्यों की प्रगति को साफ देखा जा सकता है।
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