देवरिया। मानव संसाधन का विकास किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए बहुत ही आवश्यक है। भारत सरकार ने बजट पश्चात् ऑनलाइन संगोष्ठी में मानव संसाधन के विकास के लिए किए गए निवेश के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस ऑनलाइन संगोष्ठी में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केन्द्रीय श्रम मंत्रालय, टेलीकॉम मंत्रालय एवं अन्य मंत्रालयों ने मानव विकास के लिए किए गए निवेश के बारे में विगत दस वर्षों की जानकारी देते हुए बताया कि मानव विकास के बिना देश के विकास को गति नहीं दी जा सकती है।
केंद्रीय बजट में भी मानव संसाधन पर निवेश
केंद्रीय बजट 2025 में तीसरे विकास इंजिन के रूप में मानव संसाधन में निवेश को देखा गया गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2।0, अटल टिंकरिंग लैब्स, सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और पीएचसी को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, भारतीय भाषा पुस्तक योजना, कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, आईआईटी में क्षमता का विस्तार, शिक्षा के लिए एआई में उत्कृष्टता केंद्र, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर केंद्र, शहरी आजीविका को सुदृढ़ बनाना, पीएम स्वनिधि और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों के कल्याण के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना को शामिल किया गया है।
कुपोषण को खत्म करने की जा रही कोशिश
“सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0” एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, और धात्री महिलाओं के पोषण को बेहतर बनाना है। यह योजना भारतीय सरकार के द्वारा लागू की गई है, जो आंगनवाड़ी सेवाओं के जरिए बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य के सुधार के लिए कार्य करती है। इसमें कई प्रकार की स्वास्थ्य, पोषण, और शिक्षा से जुड़ी सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 की विशेषताओं की बात करें तो इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी सेवाओं का आधुनिकीकरण, डेटा आधारित निगरानी और मूल्यांकन, पोषण सुधार, सक्षम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, समुदाय और जागरूकता को शामिल किया गया है। यह योजना भारत में कुपोषण को कम करने और पोषण के स्तर को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि हर बच्चा और माँ स्वस्थ और पोषित रहे।
स्कूलों में शुरु की गई ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’
मानव संसाधन के विकास के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स की शुरुवात भारत सरकार द्वारा की गयी है। यह नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में स्थापित की गई है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी, विज्ञान, गणित और गणितीय सोच में सुधार के लिए एक ऐसी जगह देना है, जहाँ वे अपनी रचनात्मकता और आविष्कारों को वास्तविकता में बदल सकें। इस पहल को नैशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया द्वारा शुरू किया गया था। अटल टिंकरिंग लैब्स का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, उद्यमिता की ओर प्रोत्साहन, टेक्नोलॉजी से सशक्त करना, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल करना है। अटल टिंकरिंग लैब्स के मुख्य घटक इनोवेशन, टीम वर्क और सहयोग, अवसरों का उपयोग, प्रशिक्षण और गाइडेंस है। अटल टिंकरिंग लैब्स प्रौद्योगिकी से जुड़े कौशल में वृद्धि, नवाचार और रचनात्मकता में सुधार, सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान करना, समाधान-आधारित दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है।
मानव संसाधन को विकसित कर रहा इंटरनेट
डिजिटल मीडिया या इन्टरनेट आज सूचना का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवयव हो गया है। कहा जाता है कि दुनिया आज सूचना क्रांति के युग में जी रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल सुधार लाना है। यह पहल भारत सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है, जो देश में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने, तकनीकी पहुंच को बढ़ाने और सेवाओं में सुधार करने के लिए काम करता है।
सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का उद्देश्य सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है। यह कनेक्टिविटी छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच प्रदान करती है और शिक्षा में डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ाती है। इसके प्रमुख लाभ ऑनलाइन शिक्षा और सामग्री, प्लेटफार्म, कोर्सेज तक पहुँच मिलती है, जिससे शिक्षकों को पाठ्यक्रम सामग्री में सुधार करने में मदद मिलती है। इंटरनेट आधारित शिक्षा छात्रों को ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स, कोर्सेस, और शैक्षिक वीडियो के माध्यम से बेहतर शिक्षा प्राप्त होती है। यह विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों के लिए सहायक है। इसके साथ ही साथ विद्यार्थियों का डिजिटल कौशल का विकास, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण गुणवत्ता में सुधार और स्कूलों में प्रशासनिक कार्य जैसे छात्र उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, और डेटा प्रबंधन को भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बना सकता है इंटरनेट
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सकता है। यह कनेक्टिविटी स्वास्थ्यकर्मियों को टेलीमेडिसिन, ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, और डेटा ट्रांसमिशन जैसी सेवाओं का उपयोग करने में मदद करती है। इस योजना से टेलीमेडिसिन द्वारा दूर-दराज के मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह और उपचार प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड रखने में मदद करती है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक प्रभावी और संगठित तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है। इंटरनेट के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों और सूचनाओं का प्रसार किया जा सकता है, जिससे समुदाय को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सकता है।
ग्रामों को इंटरनेट से जोड़ने बनाई गई योजनाएं
भारत सरकार ने इसके लिए भारत नेट और डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुवात की है। भारत नेट भारत सरकार का एक प्रमुख पहल है जो भारत के ग्रामीण इलाकों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके माध्यम से सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य योजनाओं को समर्थन दिया है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम पहल सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।
भारत की सभी भाषाओं में प्रकाशित होंगी किताबें
भारतीय भाषा पुस्तक योजना का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में शिक्षा सामग्री की उपलब्धता को बढ़ाना है। इस योजना के तहत सरकार भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों और अन्य शैक्षिक सामग्रियों को प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहन देती है। इसका मुख्य उद्देश्य भाषाई विविधता और संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता को बढ़ावा देना है। कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य कौशल विकास और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करना है। यह केंद्र कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उद्योगों और कार्यक्षेत्रों में उन्नत तकनीकी शिक्षा प्रदान करने का काम करता है।
भारत सरकार द्वारा आयोजित बजट पश्चात् ऑनलाइन संगोष्ठी में भारत के विकास में मानव संसाधनों का उपयोग और मानव संसाधन के विकास के लिए किए गए प्रयास आम लोगों को जानना बहुत ही आवश्यक है। यह बजट मानव संसाधन को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।
लेखक- उमेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, जनसंचार एवं नवीन मीडिया विभाग, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय