देवरिया। मध्यप्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर देश में सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है। यह लगातार आठवीं बार है जब इंदौर ने यह प्रतिष्ठित खिताब जीता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित “सुपर स्वच्छ लीग” में इंदौर को सबसे अधिक अंक प्राप्त हुए, जिससे उसकी श्रेष्ठता फिर साबित हुई। इस उपलब्धि के लिए इंदौर नगर निगम और प्रशासन की टीम को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
अब मिलेगी नई जिम्मेदारी
इस साल से प्रतियोगिता में एक नई चुनौती जोड़ी गई है। अब सबसे स्वच्छ शहर को न केवल खुद को साफ-सुथरा बनाए रखना होगा, बल्कि एक अन्य शहर को भी स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद करनी होगी। यह शहर ‘बी कैटेगरी’ का होगा, और उसके प्रदर्शन का आकलन करते समय मिले अंक भी इंदौर के खाते में जुड़ेंगे।
इंदौर पहले से देता रहा है सहयोग
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इंदौर पहले भी दूसरे शहरों को सफाई व्यवस्था बेहतर करने में मार्गदर्शन देता रहा है, लेकिन अब यह काम औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त हो जाएगा। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि पुरस्कार ग्रहण करने के लिए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और वे स्वयं दिल्ली जाएंगे। इस बार इंदौर से केवल 18 सदस्यीय टीम कार्यक्रम में शामिल होगी, जबकि पिछले साल 80 सदस्य टीम वहां गई थी। इस बार की टीम में महापौर परिषद के तीन सदस्य भी शामिल हैं।
2017 से बना हुआ है नंबर वन
गौरतलब है कि इंदौर वर्ष 2017 से ही हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण में पहला स्थान हासिल करता आ रहा है। सूरत और नवी मुंबई जैसे शहर भी लगातार दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। ऐसे में बाकी शहर प्रतियोगिता में पीछे छूट जाते थे। अन्य शहरों को प्रेरित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए “सुपर लीग” की शुरुआत की गई।
राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा सम्मान
सुपर लीग में उन्हीं शहरों को शामिल किया गया है जो लगातार पहले तीन स्थानों पर आते रहे हैं। हालांकि इसमें रैंकिंग घोषित नहीं की जाएगी, लेकिन अंकों की घोषणा अवश्य होगी। पहले योजना थी कि सुपर लीग शहरों के अंकों की घोषणा और ग्रुप फोटोग्राफी होगी, लेकिन अब राष्ट्रपति स्वयं इन शहरों को सम्मानित करेंगे।