हमारे समाज में लोग आज भी रंग को लेकर ताने कसने से बाज नहीं आते हैं। तमाम फेयरनेस प्रोडक्ट्स के विज्ञापन झट से गोरा करने और फटाफट सक्सेस या शादी की कहानी दिखाते हैं। लेकिन अब लड़कियां गोरे रंग की इन बेड़ियों को तोड़ रही हैं। छत्तीसगढ़ की रेणु कुजूर, जिसे दुनिया रेने या इंडियन रिहाना के नाम से जानती है, वो इसका परफेक्ट उदाहरण हैं। किसी ने लिखा है “तू जो चाहे पर्वत पहाड़ों को फोड़ दे, तू जो चाहे नदियों के मुख को भी मोड़ दे ” और रेने ने इसे साबित भी किया है। कभी काले रंग की वजह ताने सुनने वाली छत्तीसगढ़ के आदिवासी परिवार की ये बेटी आज टॉप मॉडल बन चुकी है। आइए जानते हैं रेणु का रेने बनने तक का सफर किन संघर्षों से होकर गुजरा है।
कौन है रेणु कुजुर
रेणु कुजूर पेशे से एक्टर और मॉडल हैं। उनका जन्म छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के एक तहसील बगीचा के छोटे से गांव पिरई में हुआ था। रेणु छत्तीसगढ़ के एक जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। रेने आज एक सफल मॉडल हैं अपनी डार्क स्किन कलर के बाद भी उन्होने मॉडलिंग की दुनिया में अपना मुकाम बनाया है। आज लोग उन्हें इंडियन रिहाना के नाम से जानते हैं क्योंकि रेने पॉप सिंगर रिहाना की तरह ही लगती हैं।

गरीबी में गुजरा रेने का बचपन
रेने निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। कभी उनकी फैमिली के पास खाने के लिए भी पैसे नहीं होते थे। एक इंटरव्यू में रेने ने बताया था कि वो और उनके भाई चर्च में दान किए हुए कपड़े पहनते थे और मंदिरों में मिलने वाले खाने से अपना पेट भरते थे। इन परिस्थितियों के बाद भी रेने ने कभी अपने शौक को दरकिनार नहीं किया धीरे-धीरे ही सही लेकिन वो आगे बढ़ती गईं।
संघर्षों से पाया ये मुकाम
दुर्भाग्य है कि हमारे समाज में जाति, धर्म, अमीर-गरीब और रंग के नाम पर भेदभाव हो रहे हैं, जो हमारे समाज की काली सच्चाई है। रेने को भी अपने काले रंग के चलते कई तानों और कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्हें बचपन से ही मॉडलिंग का शौक था। बड़े होने के बाद उनका ये शौक जूनन में बदल गया। लोगों की बातों को नजर अंदाज करते हुए उन्होंने न सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दिया और आज एक सफल मुकाम पर हैं।

बचपन में बच्चे उन्हे काली परी कहते थे
रेने को बचपन से शौक था कि बड़ी होकर वो एक सफल मॉडल बनें, जिसके लिए एक बार उन्होंने फैंसी ड्रेस कॉम्पीटिशन में भाग लिया और उसमें परी बनीं थी। रेने जैसे ही स्टेज पर गईं बच्चे उन्हें काली परी कहकर चिढ़ाने लगे थे। आज उसी काली परी की तुलनता एक टॉप की पॉप सिंगर से की जा रही है ये रेने की हिम्मत और लोगों का सामना करने की उनकी ताकत का ही नतीजा है।
घर वाले भी थे मॉडलिंग के खिलाफ
रेने और उनका परिवार छत्तीसगढ़ छोड़कर दिल्ली शिफ्ट हो गए था। रेने और उनके मॉडल बनने के सपने के बीच सिर्फ उनका काला रंग और समाज ही नहीं था बल्कि दिल्ली में रहने वाला उनका वो परिवार भी था, जो छोटे से गांव से था। फैमिली ने उन्हें जींस भी पहनने की इजाजत नहीं दी थी।
पिता की बीमारी ने तोड़ी हिम्मत
परिवार वालों को जैसे तैसे मना कर रेने मॉडलिंग के करियर में आगे बढ़ीं, जिसके लिए सबसे पहले उन्हें जरूरत थी पैसों की जिससे वो अपना पोर्टफोलियो बनवा सकें। इसके लिए उन्होंने रेस्टोरेंट में वेटर के साथ-साथ और भी छोटे-छोटे काम किए और पैसे जमा किए। लेकिन तभी उनके पिता बीमार हो गए और उन्हें कैंसर डिटेक्ट हुआ। पिता के इलाज में रेने के सारे पैसे खर्च हो गए। पिता की गंभीर बीमारी और जमा किए पूरे पैसों के खर्च होने जाने से रेने बुरी तरह से निराश हो गई थीं। लेकिन फिर भी उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा।
28 साल की उम्र में मिला मॉडलिंग का पहला ऑफर
बचपन से लेकर बड़े होने तक रेने ने हर किसी से अपने सपनों को पाने के लिए लड़ाई की। घर, परिवार, समाज, सहकर्मियों सभी से उनसे लड़ते-लड़ते उनकी उम्र 28 साल हो चुकी थी जो की मॉडलिंग के लिए बहुत ज्यादा है। फिर भी 28 साल की उम्र में उन्हें अपना पहला काम मिला और उन्होंने संघर्ष से मिले इस मौके के लिए अपनी जी-जान लगा दी।

रिहाना से कंपेयर होने पर मिला फेम
रेने अपने छोटे-मोटे मॉडलिंग के काम से खुश थी । उनके जीवन में उस दिन बड़ा बदलाव आया जिस दिन उन्हें हॉलीवुड की पॉप सिंगर रिहाना से कंपेयर किया गया। साल 2008 में रेने को मॉडलिंग की दुनिया में पहचान मिलनी शुरू हुई। उसके बाद लगातार उन्हे मॉडलिंग के अच्छे ऑफर्स आने लगे। रेने ने एम टीवी के एक रियलिटी शो इंडियास नेक्स टॉप मॉडल भी किया था और उसमें बहुत आगे तक गईं थीं।
रेणु कुजूर और उनके सपनों के बीच काफी लंबी दूरी थी। रंग भेद से भरी दुनिया में जहां गोरा होना सुंदरता का पर्यार्य माना जाता है वहां एक सांवली लड़की का सुंदरता की दुनिया में नाम कमाने का सिर्फ सपना देखना ही हिम्मत का काम है। रेने ने सपना देखा भी और उसे पूरा भी किया। आज रेने हर उस लड़की के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं जो छोटे शहरों से और सामान्य रंग रूप, कद काठी की होने के बाद भी एक सफल मॉडल बनने का सपना देखती हैं। सिर्फ मॉडल ही नहीं बल्कि हर उस लड़की के लिए उदाहरण हैं, जिनकी आंखों में कुछ कर गुजरने का सपना पलता है।
Itís nearly impossible to find educated people in this particular subject, but you seem like you know what youíre talking about! Thanks