देवरिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला टीम इंडिया ने छह विकेट से जीत लिया है। इसके साथ ही भारत ने चार मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 263 रन बनाए थे। इसके जवाब ने भारत ने 262 रन बनाए। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम 113 रन पर सिमट गई और भारत के सामने 115 रन का लक्ष्य रखा। टीम इंडिया ने इसे तीसरे दिन ही चार विकेट खो कर हासिल कर लिया।
टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने मर्फी की गेंद पर चौका लगाकर टीम इंडिया को जीत दिलाई। पुजारा 31 रन बनाकर नाबाद रहे। इस जीत के साथ ही भारत के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की राह बेहद आसान हो गई है। अब भारत को बाकी दो मैच में एक जीत की जरूरत है और टीम इंडिया जून में लगातार दूसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी।
मैच में क्या हुआ?
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने सकारात्मक सोच के साथ बल्लेबाजी करते हुए 263 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब के अर्धशतकों ने ऑस्ट्रेलिया को अच्छे स्कोर तक पहुंचने में मदद की। भारत के लिए शमी ने चार और अश्विन-जडेजा ने तीन-तीन विकेट लिए।
इसके जवाब में भारतीय टीम ने बेहद खराब शुरुआत की और पहली पारी में पिछड़ती नजर आ रही थी, लेकिन अश्विन-अक्षर ने शतकीय साझेदारी कर भारत को मैच में वापस ला दिया। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 114 रन जोड़े। अंत में ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में सिर्फ एक रन की बढ़त मिली। भारत के लिए अक्षर ने अर्धशतक लगाया। वहीं, विराट कोहली और अश्विन ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। ऑस्ट्रेलिया के लिए लियोन ने पांच विकेट लिए और मर्फी-कुह्ममैन को दो-दो विकेट मिले।
ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में भी अच्छी शुरुआत की, एक समय पर यह टीम 65 रन पर एक विकेट गंवाकर बेहतर स्थिति में नजर आ रही थी, लेकिन तीसरे दिन की शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और पूरी टीम 113 रन पर ही सिमट गई। पहली पारी में एक रन की बढ़त के आधार पर भारत के सामने 115 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम इंडिया ने चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। अब अगला मैच जीतते ही भारतीय टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगी।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मुकाबला एक मार्च से इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा।
