देवरिया न्यूज़

देश में 24 साल में 12 हजार करोड़ रुपए प्राकृतिक आपदाओं में डूबे: रिपोर्ट

देवरिया। देश में साल दर साल होती जंगलों की कटाई, सिमेंटीकरण और प्रदूषण की वजह से हो रही जलवायु परिवर्तन की समस्या दिन ब दिन गंभीर होती जा रही है। प्राकृतिक आपदाओं से हर साल हजारों लोग मारे जाते हैं, कितने ही जानवर बेमौत मर जाते हैं और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाते हैं। इतना ही नहीं प्राकृतिक आपदाओं से बचने और उसके बाद पुनर्स्थापना पर सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होते हैं। प्राकृतिक आपदाओं से ना सिर्फ जनजीवन पर प्रभाव पड़ता बल्की किसी देश की इकोनॉमी पर भी इसका काफी प्रभाव पड़ता है। एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 सालों में भारत में जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ी प्राकृतिक आपदाओं से करीब 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।


100 करोड़ लोग हुए प्रभावित
ईएम डैट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपदाओं से करीब 100 करोड़ लोग किसी न किसी तरह प्रभावित हुए हैं। यह आपदाएं साल दर साल बढ़ती जा रही हैं। साल 2023 में बाढ़, भूस्खलन, सिक्किम में हिमालयी झीलों का फटने जैसी आपदा से देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 2 हजार जानें गईं और डेढ़ करोड़ लोग प्रभावित हुए। हर साल देश के किसी ना किसी हिस्से को प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। इनसे बचने की तैयारियों से लेकर लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाने तक और फंसे लोगों के रेस्क्यू पर सरकार के हजारों करोड़ रुपए खर्च होते हैं।


देश की कुल मौतों का 2 फीसदी प्राकृतिक आपदाओं से

एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, उससे पहले 2022 में भारत में होने वाली कुल मौतों में से 2% प्राकृतिक आपदाओं की वजह से हुई। साल 2015 में देश में अलग-अलग हिस्सों में 10 बार बाढ़ आई। इससे करीब 34.7 करोड़ लोग प्रभावित हुए। दशक भर में किसी एक साल में सबसे ज्यादा बाढ़ का यह रिकॉर्ड है। इन बाढ़ों में 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

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