देवरिया। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 यानी सीएए को देशभर में लागू कर दिया है। सीएए लागू किए जाने को लेकर भारत सरकार ने इसके अनिवार्य नियमों को अधिसूचित कर दिया। CAA लागू हो जाने के बाद 3 पड़ोसी देश से भारत आए लोगों को अब भारत की नागरिकता मिल सकेगी। विस्तार से नियम और शर्तें आनी अभी बाकी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक्स अकाउंट पर दी गई जानकारी
देश में सीएए लागू किए जाने की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई। एक्स पर लिखे मैजेस में कहा गया- “नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019) के लिए नियमों को नोटिफाई कर दिया जाएगा। यह नियम भारतीय नागरिकता पाने वाले पात्रों को आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। यानी सीएए के तहत जो भी भारतीय नागरिकता पाने के लिए पात्र होंगे। उन्हें इसके लिए किसी ऑफिस में नहीं जाना होगा, बल्कि सबकुछ ऑनलाइन तरीके से किया जाएगा।”
सीएए से किनको फायदा होगा
देश में सीएए लागू हो जाने के बाद उन लोगों को देश की नागरिकता मिलेगी जो हमारे तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक आधार पर प्रताड़ित होकर भारत में शरण लिए हुए हैं। जो की 31 दिसंबर 2014 से पहले तक भारत आ चुके हैं। यह कानून उन विदेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता देने का अधिकार देगा जो गैर मुस्लिम हैं, यानी पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए शरणार्थी जो हिंदू, ईसाई, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी धर्म से ताल्लुक रखते हैं को नागरिकता मिलेगी। शरणार्थी भारत सरकार के द्वारा बनाए गए एक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
