देवरिया। एक तरफ जहां भारत के साथ ही दुनिया के कई देश इस वक्त भारी गर्मी से परेशान हैं वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और बहरीन में हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। वहां का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। लगातार हो रही बारिश के बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। इस बारिश ने पिछले 75 सालों में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड बनाया है।
गर्म देश में आते हैं UAE, ओमान और बहरीन
संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और बहरीन गर्म देशों में गिने जाते हैं। यहां के रेगिस्तान पूरे विश्व में जाने जाते हैं। ये देश अपनी ऊंची इमारतों और लग्जरियस लाइफ के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां लगभग पूरे साल गर्मी रहती है। लेकिन अभी प्रकृति ने ऐसी करवट बदली है कि अचानक से आई इस भारी बारिश से निपटने में शासन प्रशासन को भी समय लग रहा है। जहां लोग बारिश देखने के लिए तरस जाते थे आज वहां की कई ईमारतों और बड़े-बड़े मॉल्स में बारिश का पानी भर गया है। तूफान के साथ हो रही बारिश की वजह से कई शहर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
कुछ ही घंटों में हुई डेढ़ साल जितनी बारिश
दुबई में सालभर में लगभग 95 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड हो पाती है। जबकी अभी हुई बारिश में सिर्फ मंगलवार को ही 142 मिलीमीटर बारिश हुई। UAE के अल-आइन अमीरात में सबसे ज्यादा 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस सभी इलाकों में चारों ओर क्रांकिट की इमारतें और सड़कें हैं यही वजह है कि मात्र एक घंटे में ही शहरें लबालब पानी से भर गईं।
एयरपोर्ट में भरा पानी, कई उड़ानें रद्द
बारिश का पानी एयरपोर्ट में भी भर गया है। इसका असर हवाई यात्रा पर भी पड़ रह है। दुबई दुनिया का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यहां से 100 से भी ज्यादा इंटरनेशनल उड़ानों को रद्द करना पड़ा। दुबई से भारत आने वाली 13 फ्लाइट्स और भारत से दुबई जाने वाली 14 फ्लाट्स को रद्द कर दिया गया है। इतना ही नहीं कई शहरों के मेट्रो स्टेशन्स में पानी भर जाने से ड्राइवरलेस मेट्रो सिस्टम भी ठप पड़ गए हैं। सड़कों में पानी भरे होने की वजह से सड़क मार्ग से आवाजाही वैसे भी पूरी तरह से प्रभावित है।
क्या होती है क्लाउड सीडिंग जिसे बताया जा रहा है बारिश का कारण
संयुक्त अरब अमिरात अक्सर आर्टिफिशियल बारिश करवाता है। जिन देशों में प्राकृतिक बारिश नहीं होती है वहां क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराई जाती है। इसके लिए सिल्वर आयोडाइड, पोटैशियम आयोडाइड और ड्राई आइस जैसे कैमिकल्स का उपयोग किया जाता है। इन सभी रसायनों को हेलिकॉप्टर या प्लेन के जरिए आसमान में बादलों के करीब ले जाकर छोड़ दिया जाता है। कुछ समय के बाद आसमान में बादल छा जाते हैं और बारिश होने लगती है। लेकिन संयुक्त अरब अमिरात ने क्लाउड सीडिंग की मदद से बारिश कराए जाने से साफ इनकार किया है।
Vehicles drive through standing floodwater caused by heavy rain in Dubai, United Arab Emirates, Thursday, April 18, 2024. The United Arab Emirates attempted to dry out Thursday from the heaviest rain the desert nation has ever recorded, a deluge that flooded out Dubai International Airport and disrupted flights through the world's busiest airfield for international travel. AP/PTI(AP04_18_2024_000217A)