देवरिया। एक पिता अपने बच्चों को हमेशा रही रास्ता दिखाता है और उस पर चलने के लिए प्रेरित भी करता है, इस बात का जीता जागता उदाहरण पेश किया है उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के एक डॉक्टर पिता ने। शहर के बड़े डॉक्टर प्रकाश खेतान ने अपनी बेटी को मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट की परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए खुद भी उसके साथ परीक्षा की तैयारी की और परीक्षा भी दी। मजेदार बात यह भी है कि दोनों के परिणामों में जबरदस्त कॉम्पिटिशन दिखा।
बेटी ने डॉक्टर पिता को किया पीछे
प्रयागराज में रहने वाले 50 साल के डॉक्टर प्रकाश खेतान अपनी बेटी मिताली खेतान को एग्जाम निकालने के लिए प्रेरित करने की मंशा से खुद भी नीट की तैयारी करने लगे। दोनों एक दूसरे को अपना कॉम्पिटीटर मानकर परीक्षा की तैयारी करने लगे और परीक्षा भी दी। जब रिजल्ट आया तब पता चला कि परीक्षा तो दोनों ने पास कर ली है लेकिन, डॉक्टर की 18 साल की बेटी ने पिता से ज्यादा अच्छे नंबर लाए हैं। पिता की प्रेरणा ने बेटी को अपने पिता से भी बेहतर बना दिया।
दोनों में था काफी नजदीकी मुकाबला
डॉक्टर प्रकाश खेतान ने 1992 में ही सीपीएमटी परीक्षा पास की थी और अब एक सफल सर्जन हैं। लेकिन 30 वर्षों के बाद बेटी को प्रेरित करने के लिए फिर से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठे। बेटी और डॉक्टर पिता ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा दी। जब नतीजे आए तो पता चला किबेटी मिताली के 90 फीसदी से ज्यादा अंक आएं हैं, जबकि डॉक्टर प्रकाश खेतान ने 89 फीसदी अंक हासिल किए थे।
कोटा से लौट आई थी मिताली
दरअसल डॉक्टर खेतान ने बेटी को मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी कराने कोटा राजस्थान की कोचिंग इंस्टिट्यूट भेजा था। लेकिन मिताली वहां के माहौल में पढ़ाई नहीं पा रही थी, कोटा के कोचिंग संस्थानों का कॉम्पिटिशन देखकर वह वापस लौट आई थी। ऐसी स्थिति में मिताली का आत्मविश्वास कुछ कम हो गया था। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टर खेतान ने बेटी की प्रेरणा बनने की सोची और दिनभर अपना काम निपटाने के बाद रात में बेटी के साथ नीट की तैयारी करने लगे। पिता और बेटी दोनों की मेहनत का नतीजा आज सामने है। मिताली ने कर्नाटक के मणिपाल कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लिया है और अपने और पिता के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में जुटी हुई हैं।