देवरिया। गीता प्रेस गोरखपुर में राम चरित मानस के स्टॉक की कमी हो गई है। दरअसल 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख के ऐलान के बाद अचानक से रामचरित मानस की मांग बढ़ गई है। इसके साथ ही भगवत गीता और सुंदरकांड की भी पहले से ज्यादा मांग हो रही है। देशभर से आ रही डिमांड को गीता प्रेस 75 प्रतिशत ही पूरा कर पा रहा है।
गुजरात सरकार ने मांगी 50 लाख गीता की प्रति
गुजरात सरकार ने स्टूडेंट्स को बांटने के लिए गीता प्रेस से भगवत गीता की 50 लाख प्रतियों की मांग की थी। लेकिन गीता प्रेस ने इतनी प्रतियां समय पर उपलब्ध करा पाने पर असमर्थता जताई है और गुजरात सरकार को गीता की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई है। प्रेस प्रबंधन ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस सॉफ्ट कॉपी से गीता छपवाकर विद्यार्थियों में बांट दें। इस पर गुजरात सरकार ने सॉफ्ट कॉपी की रॉयल्टी देने के पेशकश की, लेकिन अपने उसूलों के पक्के गीता प्रेस के प्रबंधन ने इसे विनम्रता से अस्वीकार कर दिया।
वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं रामचरित मानस
रामचरित मानस की जितनी प्रतियों की मांग वर्तमान में है, उसे गीता प्रेस ने जगह के साथ और भी कुछ कमी के कारण पूरा नहीं कर पान की बात कही है। लेकिन लोगों को 22 जनवरी से पहले तक रामचरित मानस उपलब्ध हो जाए, इसके लिए गीता प्रेस की वेबसाइट पर रामचरित मानस को अपलोड किया गया है। इसे 16 जनवरी तक 50 हजार लोग मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। मांग को देखते हुए इसकी अवधि और डाउनलोड करने वालों की संख्या को भी बढ़ाया जा सकता है। प्रेस प्रबंधन का कहना है कि- “जगह के अभाव में पर्याप्त संख्या में पुस्तकें प्रकाशित न कर पाना हमारी विवशता है। हम कोशिश कर रहे हैं कि अधिक से अधिक पुस्तकें प्रकाशित की जाएं।”
